ग्रेटर नोएडा फैक्ट्री अग्निकांड: आग बुझाने के दौरान दीवार-बीम गिरने से 2 दमकलकर्मियों की मौत, 3 घायल

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक चिप निर्माण कंपनी में लगी भीषण आग पर काबू पाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। आग बुझाने में जुटी फायर ब्रिगेड की टीम पर कंपनी की एक साइड की दीवार और लोहे का भारी बीम अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इस दर्दनाक दुर्घटना में दो दमकलकर्मियों की जान चली गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

देर रात लगी आग, मौके पर पहुंचीं पुलिस और दमकल की टीमें

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 3 और 4 अगस्त की दरम्यानी रात ईकोटेक-3 स्थित ILGIM कंपनी में अचानक भीषण आग लग गई। यह कंपनी इलेक्ट्रॉनिक चिप निर्माण का कार्य करती है। आग की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर विभाग तुरंत सक्रिय हो गए। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

दमकलकर्मियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पा लिया। हालांकि, जब राहत कार्य अंतिम चरण में था, तभी कंपनी की एक बाहरी दीवार और उसके साथ लगा लोहे का भारी बीम अचानक गिर गया। इसकी चपेट में आने से फायर ब्रिगेड के पांच जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।
इलाज के दौरान दो जवानों ने तोड़ा दम

हादसे में घायल होने वालों में मुख्य आरक्षी चालक राजपाल सिंह, फायरमैन मनीष कुमार, मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह, फायरमैन अमित कुमार और फायरमैन रोहित यादव शामिल थे। सभी को एंबुलेंस के जरिए तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

अस्पताल में उपचार के दौरान डॉक्टरों ने फायरमैन रोहित यादव और मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं, अन्य तीन घायल दमकलकर्मियों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और चिकित्सकों के अनुसार वे खतरे से बाहर हैं।

मौके पर तैनात हैं पुलिस और SDRF की टीमें

घटना के बाद पुलिस अधिकारियों के साथ SDRF की टीम भी मौके पर पहुंच गई और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस का कहना है कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

गौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा का ईकोटेक-3 क्षेत्र प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में जाना जाता है। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स समेत कई प्रकार की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और औद्योगिक प्रतिष्ठान संचालित होते हैं। हालांकि यह इलाका मुख्य रूप से इंडस्ट्रियल ज़ोन है, लेकिन इसके आसपास कुछ रिहायशी और मिश्रित उपयोग वाले क्षेत्र भी विकसित हो चुके हैं।