गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के सहजनवा कस्बे की पिपरा नई कॉलोनी में पांच वर्षीय मासूम अंशुमान सिंह की अपहरण के बाद हत्या किए जाने की दर्दनाक घटना सामने आई है। गुरुवार से लापता चल रहे बच्चे का शव शुक्रवार शाम झाड़ियों के बीच बने एक सुनसान खंडहर से बरामद हुआ। शव बोरे से ढका हुआ मिला, जिसे देखकर इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले में घर में किराये पर रहने वाले आरोपी कल्पेश को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में सीसीटीवी फुटेज सबसे अहम सुराग साबित हुई। फुटेज में मासूम आरोपी किराएदार के साथ जाता हुआ दिखाई दिया। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूछताछ पूरी होने के बाद हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
गोलगप्पा खाने की बात कहकर घर से निकला था बच्चाजानकारी के अनुसार, पांच वर्षीय अंशुमान सिंह गुरुवार 2 जुलाई की शाम करीब पांच बजे घर से फुल्की (गोलगप्पा) खाने के लिए निकला था। परिजनों ने बताया कि उसकी दादी ने उसे फुल्की खाने के लिए कुछ रुपये दिए थे। इसके बाद बच्चे को फुल्की बेचने वाले के पीछे जाते हुए देखा गया था। हालांकि देर रात तक जब वह वापस घर नहीं लौटा तो परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई।
परिजनों ने पहले अपने स्तर पर आसपास के इलाकों में बच्चे की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। काफी खोजबीन के बावजूद जब कोई सुराग नहीं मिला, तब उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तलाश अभियान शुरू कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज से खुली वारदात की परतेंपुलिस ने रातभर इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। शुक्रवार दोपहर तक बच्चे के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। इस दौरान संदेह के आधार पर पुलिस ने घर में किराये पर रहने वाले युवक कल्पेश से पूछताछ शुरू की।
शुक्रवार शाम करीब पांच बजे एक महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज सामने आई, जिसमें आरोपी और मासूम अंशुमान एक साथ जाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने फुटेज और अन्य तकनीकी व स्थानीय सुरागों के आधार पर संभावित मार्ग की गहन जांच शुरू की। तलाश करते हुए पुलिस झाड़ियों के बीच स्थित एक पुराने खंडहर तक पहुंची, जहां बोरे से ढका हुआ मासूम का शव बरामद हुआ। शव मिलने की खबर फैलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीममामले की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, सीओ गीडा केएन आनंद, गीडा थानाध्यक्ष अश्वनी पांडेय तथा हरपुर बुदहट थानाध्यक्ष प्रशांत पाठक भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को अपने कब्जे में लेकर आसपास का इलाका सील कर दिया और आवश्यक जांच शुरू की।
इसके बाद फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य और नमूने एकत्र किए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, ताकि मौत के कारणों और हत्या के तरीके का स्पष्ट पता लगाया जा सके।
आरोपी से पूछताछ जारी, हत्या के कारण की जांचमासूम के दादा जय प्रकाश सिंह ने बताया कि उनका पोता गुरुवार शाम करीब पांच बजे से लापता था। परिवार के लोगों ने रातभर उसकी तलाश की, लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। शुक्रवार को सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान आरोपी बच्चे को अपने साथ ले जाता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
सीओ गीडा केएन आनंद ने बताया कि 2 जुलाई को बच्चे के लापता होने की सूचना मिलने के बाद तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि कल्पेश नाम का युवक उसी मकान में किराये पर रहता था और वही बच्चे को अपने साथ लेकर गया था। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बच्चे का शव बरामद कर लिया है। फिलहाल आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर हत्या के पीछे की वजह का खुलासा किया जाएगा।