अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को दान में दी गई 200 चांदी की ईंटों को लेकर पिछले दिनों उठे विवाद के बीच अब विश्व सिंधी सेवा संगम ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के स्पष्टीकरण पर संतोष जताया है। संगठन ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि को पत्र लिखकर कहा है कि ट्रस्ट की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी और विस्तृत जवाब से सभी दानदाता पूरी तरह संतुष्ट हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि अब इस विषय में किसी अतिरिक्त जानकारी या स्पष्टीकरण की आवश्यकता नहीं है। यह पत्र ट्रस्ट द्वारा 1 जुलाई 2026 को भेजे गए आधिकारिक उत्तर के संदर्भ में भेजा गया है।
विश्व सिंधी सेवा संगम के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष लायन डॉ. राजू मनवानी ने अपने पत्र में कहा कि सिंधी समाज के 200 श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई 200 चांदी की ईंटों से जुड़े सभी पहलुओं पर ट्रस्ट ने विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराई है। इसके लिए उन्होंने ट्रस्ट का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समुदाय ट्रस्ट की पारदर्शिता और सहयोग की सराहना करता है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि सभी 200 दानदाताओं ने चांदी की ईंटों का भुगतान सीधे संबंधित जौहरी को किया था और प्रत्येक दानदाता को भुगतान की विधिवत रसीद भी जारी की गई थी। ट्रस्ट के स्पष्टीकरण के बाद अब इस पूरे मामले को लेकर किसी प्रकार की शंका या भ्रम की स्थिति नहीं बची है।
संगठन ने ट्रस्ट के अनुरोध के अनुरूप सभी 200 दानदाताओं की विस्तृत सूची भी उपलब्ध करा दी है। इस सूची में दानदाताओं के नामों के साथ उनके संपर्क नंबर भी शामिल हैं। इसके अलावा पत्र के साथ उन 35 भारतीय शहरों और 17 देशों का विवरण भी संलग्न किया गया है, जहां से इन श्रद्धालुओं का संबंध है। संगठन का कहना है कि इससे दानदाताओं का पूरा रिकॉर्ड ट्रस्ट के पास उपलब्ध हो गया है।
पत्र में विश्व सिंधी सेवा संगम ने ट्रस्ट से सितंबर या अक्टूबर 2026 के दौरान किसी सुविधाजनक तिथि पर सभी दानदाताओं के लिए सामूहिक रूप से श्रीराम मंदिर दर्शन की व्यवस्था करने का अनुरोध भी किया है। संगठन ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद समुदाय के अधिकांश दानदाताओं को अब तक अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन करने का अवसर नहीं मिल पाया है। ऐसे में सभी श्रद्धालुओं की इच्छा है कि वे एक साथ अयोध्या पहुंचकर भगवान श्रीराम के दर्शन करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
डॉ. राजू मनवानी ने अपने पत्र में ट्रस्ट द्वारा दिए गए विस्तृत जवाब, सहयोग और सकारात्मक संवाद के लिए विशेष रूप से धन्यवाद भी ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण ने दानदाताओं की सभी शंकाओं का समाधान कर दिया है, जिससे समुदाय में विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
गौरतलब है कि हाल ही में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को दान में दी गई 200 चांदी की ईंटों को लेकर कुछ दानदाताओं की ओर से सवाल उठाए गए थे, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया था। हालांकि अब विश्व सिंधी सेवा संगम ने आधिकारिक रूप से ट्रस्ट के जवाब को स्वीकार करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वह इस विवाद को समाप्त मानता है। इसके साथ ही संगठन ने अपना पूरा ध्यान आगामी सामूहिक श्रीराम मंदिर दर्शन कार्यक्रम की तैयारियों पर केंद्रित करने की बात कही है।