आगरा में बड़ा हादसा: महालक्ष्मी मंदिर का चबूतरा टूटा, लोगों के यमुना में गिरने से मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के आगरा में सोमवार शाम एक गंभीर हादसा सामने आया। कमला नगर के बल्केश्वर स्थित यमुना किनारे बने महालक्ष्मी मंदिर में भीड़ जमा थी। लोग उफनती यमुना को करीब से देखने पहुंचे थे और बड़ी संख्या में मंदिर के चबूतरे पर चढ़ गए। अचानक अधिक भार पड़ने से चबूतरे का पिछला हिस्सा रेलिंग समेत नदी में धंस गया। कई लोग इसके साथ नीचे गिर पड़े, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में यह खबर फैल गई कि लोग यमुना में बह गए हैं।

हादसे का वक्त और कारण

यह घटना शाम लगभग साढ़े छह बजे हुई, जब मंदिर में आरती चल रही थी। आठ साल पहले हुए जीर्णोद्धार के दौरान मंदिर के पीछे बने चबूतरे को और आगे तक बढ़ाया गया था। मजबूत पिलरों पर टिके इस चबूतरे पर बेंच भी लगाई गई थीं, ताकि लोग बैठकर यमुना का दृश्य देख सकें। इन दिनों नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं। लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे।
चश्मदीदों की दास्तान

मंदिर परिसर में मौजूद गुड्डी देवी ने बताया कि अचानक जोरदार आवाज आई और लोग बाहर की ओर भागने लगे। जब उन्होंने कारण पूछा तो पता चला कि चबूतरे का एक बड़ा हिस्सा यमुना में समा गया है। कई लोगों के दबने और बह जाने की चर्चा फैल गई। अफवाहें इतनी तेजी से फैलीं कि पूरे इलाके में डर और बेचैनी का माहौल बन गया।

प्रशासन और राहत कार्य

हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के थानों की पुलिस, जिलाधिकारी अरविंद बंगारू मलप्पा और डीसीपी सिटी सोनम कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। भाजपा विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। गोताखोरों को तुरंत यमुना में उतारा गया और एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया। देर रात तक सर्च ऑपरेशन जारी रहा।

करीब रात दस बजे तक किसी भी व्यक्ति ने यह शिकायत नहीं की कि उसका कोई परिजन या परिचित लापता है। पुलिस और प्रशासन का मानना है कि चबूतरे से गिरने वाले लोग सुरक्षित बाहर निकल आए होंगे। इसके बावजूद खोजबीन का कार्य एहतियात के तौर पर जारी रखा गया। फिलहाल जनहानि की कोई पुष्टि नहीं हुई है।