आगरा। शादी समारोह में लाइसेंसी हथियार लेकर पहुंचे कुछ युवकों ने घुड़चढ़ी की रस्म के दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग की। शनिवार को इस हर्ष फायरिंग की चार वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गई। घटना के तुरंत बाद थाना पुलिस ने सात युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, दो लाइसेंसी राइफलें जब्त की गईं और उनके लाइसेंस निरस्तीकरण की सिफारिश की गई।
वीडियो वायरल होने के बाद मुकदमा दर्जजागरण की खबर के अनुसार हर्ष फायरिंग की यह घटना 4 दिसंबर की है। बमरौली कटारा के गांव बिझामई निवासी धर्मेंद्र के पुत्र रवि की शादी थी। ग्रामीण, रिश्तेदार और दोस्तों ने शादी समारोह में भाग लिया। शाम करीब पांच बजे घुड़चढ़ी की रस्म के दौरान दूल्हे के दोस्त लाइसेंसी रिवाल्वर, रायफल और अन्य हथियार लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। 27 दिसंबर को इस हर्ष फायरिंग के चार वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गए। वीडियो की लंबाई क्रमशः 7 सेकेंड, 24 सेकेंड, 25 सेकेंड और 29 सेकेंड थी। वीडियो में युवकों को फायरिंग करते और हथियार लहराते देखा जा सकता है।
पुलिस ने जब्त की राइफलें और की कार्रवाईएसीपी फतेहाबाद अनिल कुमार ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए बमरौली कटारा पुलिस को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद पुलिस ने बिझागई गांव निवासी गौरव सिंह, रामखिलाड़ी, गंगाराम शशांक उर्फ कान्हा पुत्र गंगाराम, लक्ष्मी नारायण, संजय जसावत, शशांक उर्फ कान्हा तथा डौकी के गांव कुंडौल निवासी अभिषेक धाकरे के खिलाफ दारोगा आशीष तिवारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया।
दो आरोपित गिरफ्तार, रायफलें बरामदरविवार को पुलिस ने अभिषेक धाकरे और संजय जसावत को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि हर्ष फायरिंग गौरव और रामखिलाड़ी की लाइसेंसी रायफलों और अन्य हथियारों से की गई थी। पुलिस ने दोनों आरोपितों से राइफलें बरामद कर उनके लाइसेंस निरस्तीकरण की सिफारिश की है। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
एसीपी का सख्त बयानएसीपी फतेहाबाद अनिल कुमार ने स्पष्ट किया कि शादी, विवाह या किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में हर्ष फायरिंग अपराध है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वीडियो बनाने वाले ही बने मुसीबत मेंहर्ष फायरिंग के वीडियो युवकों ने खुद बनाए थे। कोई भी घटना की शिकायत पहले दर्ज नहीं कराई गई। 23 दिनों तक पुलिस को इस घटना की जानकारी नहीं मिली। संजय जसावत ने वीडियो को अपनी सोशल मीडिया आईडी पर पोस्ट किया, जिसके बाद शनिवार को वीडियो वायरल हो गए और पुलिस को घटना का पता चला। इस घटना ने पुलिस की गांव-गांव निगरानी की क्षमताओं पर भी सवाल खड़ा कर दिया है।