तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में रविवार आधी रात को मिरालम जलाशय में फंसे नौ लोगों को हाइड्रा DRF टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। ये सभी ओल्ड बस्ती जू पार्क के पास मिरालम जलाशय के किनारे तक सुरक्षित पहुंचाए गए। जानकारी के अनुसार, ये कर्मचारी जलाशय की मरम्मत और पुल निर्माण के लिए मिट्टी के टेस्ट के काम पर गए थे। इसमें मजदूर और इंजीनियर दोनों शामिल थे।
क्या हुआ पूरा मामला?सूत्रों के मुताबिक, रविवार की सुबह ये टीम नाव के जरिए जलाशय में गई थी। शाम तक उन्हें लौटना था, लेकिन नाव का इंजन खराब हो गया। जैसे ही अंधेरा हुआ, टीम परेशान हो गई। मैकेनिक को बुलाया गया, लेकिन उन्होंने बताया कि इंजन तभी ठीक हो सकता है जब नाव किनारे पर पहुंचे।
जलाशय में घनी घास और मगरमच्छों का डर उनकी मुश्किलें बढ़ा रहा था। नाव को धक्का देने की कोशिश की गई, लेकिन घास ने नाव की आगे बढ़ने की गति रोक दी। फंसी हुई टीम ने तुरंत डायल 100 किया और पुलिस को स्थिति बताई।
पुलिस ने DRF कंट्रोल रूम को दी सूचनामामले की जानकारी मिलते ही हाइड्रा DRF कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। कॉल मिलते ही टीम के सदस्य मिरालम जलाशय के बीच फंसे लोगों से संपर्क में आए। हाइड्रा SFO जमील और रेस्क्यू टीम इंचार्ज स्वामी ने फोन पर भरोसा दिलाया कि DRF टीम किसी भी हालत में उन्हें सुरक्षित बाहर निकालेगी।
बचाव अभियानअंधेरा और घास की घनी चादर ने बचाव को चुनौतीपूर्ण बना दिया। फंसे लोग सेलफोन की फ्लैश लाइट से अपनी लोकेशन बता रहे थे। DRF टीम टॉर्च की रोशनी के साथ पहुंची और सबसे पहले चार लोगों को नाव में बैठाकर किनारे तक लाया। इसके बाद टीम ने वापस जाकर बाकी पांच लोगों को भी सुरक्षित निकाला।
मगरमच्छों का डरजलाशय से बाहर आने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। टीम ने बचावकर्ताओं का धन्यवाद किया और कहा कि वे बेहद परेशान थे। जलाशय में मगरमच्छों के डर ने उनकी चिंता और बढ़ा दी थी। फंसे लोगों ने DRF टीम की साहसिक और जोखिम भरी बचाव कार्रवाई की सराहना की, क्योंकि आधी रात को खतरे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना आसान काम नहीं था।