तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद अभिनेता से राजनेता बने विजय पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। सत्ता संभालते ही उन्होंने आम जनता से जुड़े तीन बड़े फैसलों पर हस्ताक्षर कर साफ संकेत दे दिया कि उनकी सरकार का फोकस सीधे तौर पर लोगों को राहत देने और राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने पर रहेगा। मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के कुछ ही घंटों के भीतर विजय ने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली, महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष कदम और ड्रग तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई से जुड़े अहम आदेशों को मंजूरी दी।
जनता को राहत देने पर पहला जोरचेन्नई में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह के बाद विजय ने अपने पहले आधिकारिक फैसलों के जरिए यह दिखाने की कोशिश की कि उनकी सरकार जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने वाली है। खास तौर पर 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा को मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस फैसले से लाखों परिवारों को बिजली बिल के बोझ से राहत मिल सकती है।
विजय सरकार के इन शुरुआती कदमों को जनता के बीच भरोसा कायम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद ऐसे फैसले लेकर विजय ने अपनी प्रशासनिक शैली का संकेत दे दिया है।
मुख्यमंत्री विजय के तीन बड़े फैसले200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का फैसला
ड्रग्स तस्करी पर रोक लगाने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन
महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अलग विशेष टास्क फोर्स
ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी
तमिलनाडु में बढ़ती नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए विजय सरकार ने विशेष टास्क फोर्स बनाने का फैसला लिया है। यह टीम राज्यभर में सक्रिय ड्रग्स नेटवर्क, सप्लाई चेन और तस्करी में शामिल गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। सरकार का मानना है कि संगठित स्तर पर कार्रवाई के जरिए युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सकेगा।
सूत्रों के अनुसार, यह टास्क फोर्स पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगी और ड्रग्स से जुड़े मामलों में तेज़ कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। विजय ने इस मुद्दे को राज्य की सामाजिक सुरक्षा से जोड़ते हुए इसे प्राथमिकता में रखा है।
महिला सुरक्षा को लेकर भी बड़ा कदममहिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री विजय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अलग विशेष टास्क फोर्स बनाने का निर्देश दिया है। इस यूनिट का उद्देश्य महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी करना और पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने की प्रक्रिया को मजबूत बनाना होगा।
सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं के बीच सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ेगा और अपराधियों पर भी सख्त संदेश जाएगा। विजय लंबे समय से सार्वजनिक मंचों पर महिला सुरक्षा को महत्वपूर्ण मुद्दा बताते रहे हैं और अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने इसे अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर लिया है।
शुरुआत से ही सख्त और सक्रिय प्रशासन का संकेतमुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद लिए गए इन फैसलों को विजय सरकार की कार्यशैली का शुरुआती संकेत माना जा रहा है। एक तरफ उन्होंने जनता को आर्थिक राहत देने का प्रयास किया है, वहीं दूसरी ओर कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और ड्रग्स जैसे गंभीर मुद्दों पर सख्त रुख अपनाने की कोशिश की है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विजय अपनी सरकार को “फास्ट डिसीजन मेकिंग” मॉडल के तौर पर पेश करना चाहते हैं, जहां जनता से जुड़े मुद्दों पर तुरंत फैसले लिए जाएं। अब लोगों की नजर इस बात पर होगी कि इन घोषणाओं को जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है।