कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने छात्र आंदोलन की तुलना बांग्लादेश और नेपाल के घटनाक्रम से किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि CJP के आंदोलन को गलत तरीके से पेश करने और उसकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना था कि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में चल रहा है तथा इसकी तुलना किसी दूसरे देश की परिस्थितियों से करना उचित नहीं है।
यह प्रतिक्रिया उस समय सामने आई जब बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने CJP के आंदोलन की तुलना बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन से करते हुए कहा था कि उन्हें यह प्रदर्शन सही नहीं लगा। उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई।
'देशभर के छात्रों का नेतृत्व करेगी CJP'हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिजीत दीपके ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में CJP की जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने दावा किया कि संगठन अब देशभर में शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठा रहे छात्रों का नेतृत्व करेगा। इसके लिए जल्द ही संगठन का विस्तार किया जाएगा और विभिन्न राज्यों में टीम को मजबूत किया जाएगा।
दीपके ने यह भी याद दिलाया कि NEET पेपर लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए उनकी पार्टी लगातार मुआवजे की मांग करती रही है। उन्होंने कहा कि सरकार से प्रत्येक प्रभावित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग आंदोलन के दौरान भी उठाई गई थी और यह मांग अब भी कायम है।
तसलीमा नसरीन ने क्या कहा था?तसलीमा नसरीन ने अपने बयान में बांग्लादेश के छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा था कि शुरुआत में ऐसा लगा था कि छात्र केवल कोटा प्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके अनुसार, तत्कालीन सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार भी किया था, लेकिन बाद में हालात बदल गए।
तसलीमा का दावा था कि बाद में यह सामने आया कि आंदोलन के पीछे कट्टरपंथी ताकतों का प्रभाव था, जिसके कारण बांग्लादेश की स्थिति गंभीर हो गई। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार देश में जो घटनाक्रम हुआ, वह चिंताजनक था और इसलिए भारत में हो रहे किसी भी आंदोलन को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
'आंदोलन को बदनाम करने की साजिश रची गई'तसलीमा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि CJP को बदनाम करने के लिए सुनियोजित कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही आशंका जताई थी कि बाहरी तत्वों को आंदोलन में शामिल कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जाएगा।
दीपके ने दावा किया कि CJP का आंदोलन पूरी तरह संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप है, जबकि हिंसा फैलाने वाले लोग संगठन से जुड़े नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों की गतिविधियां पहले से तय योजना का हिस्सा थीं।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जंतर-मंतर जैसे अत्यधिक सुरक्षा वाले क्षेत्र में बड़ी संख्या में संदिग्ध लोगों की एंट्री कैसे हुई। दीपके ने आरोप लगाया कि 19 जुलाई की रात प्रदर्शन स्थल के पीछे पत्थरों से भरा एक ट्रक और एक क्षतिग्रस्त वैन पहले से मौजूद थी। उनके अनुसार यह सब पूर्व नियोजित था और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।