राज्यपाल ने 113 विधायकों के दम पर सरकार चलाने पर उठाए सवाल, थलापति विजय बोले—फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हूं

तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सियासी खींचतान लगातार तेज होती जा रही है और हालात फिलहाल स्थिर होते नहीं दिख रहे हैं। गुरुवार सुबह तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख थलापति विजय को राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर ने राजभवन बुलाया। इस अहम मुलाकात का मकसद यह स्पष्ट करना था कि क्या विजय ने सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत का आंकड़ा जुटा लिया है या नहीं।

राज्यपाल के तीखे सवाल, स्थिरता पर उठी शंका

सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान राज्यपाल ने विजय से सरकार की स्थिरता को लेकर कई गंभीर सवाल किए। उन्होंने यह जानना चाहा कि बहुमत के लिए जरूरी 118 विधायकों के आंकड़े की तुलना में 113 विधायकों के साथ TVK कैसे एक मजबूत और स्थायी सरकार चला सकेगी।

इसके साथ ही राज्यपाल ने उन राजनीतिक दलों की स्पष्ट सूची भी मांगी जो TVK को बिना शर्त समर्थन देने के लिए तैयार हैं। चर्चा के दौरान प्रशासनिक स्थिरता और गठबंधन की मजबूती को लेकर विस्तृत बातचीत हुई।
विजय का जवाब—फ्लोर टेस्ट के लिए पूरी तरह तैयार

राज्यपाल के सवालों के जवाब में थलापति विजय ने साफ किया कि वे सदन में बहुमत साबित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह फ्लोर टेस्ट का सामना करेंगे और अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे।

सूत्रों का यह भी कहना है कि यदि राज्यपाल सरकार गठन के दावे को मंजूरी नहीं देते, तो TVK कानूनी रास्तों पर विचार करने से पीछे नहीं हटेगी। पार्टी ने सभी विकल्प खुले रखे हैं।

बहुमत का गणित और राजनीतिक जोड़-तोड़


TVK के पास फिलहाल 108 सीटें हैं, जो बहुमत से कुछ कम हैं। इस अंतर को पाटने के लिए राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले जा रहे हैं।

कांग्रेस (5 सीटें) ने समर्थन की पेशकश की है, हालांकि शर्त रखी है कि TVK किसी भी सांप्रदायिक ताकत के साथ गठबंधन नहीं करेगी।
वहीं CPI, CPM, VCK और PMK जैसे दलों को साथ लाने की कोशिशें भी जारी हैं। अगर यह सभी दल समर्थन देते हैं तो कुल आंकड़ा 123 तक पहुंच सकता है, जिससे मजबूत बहुमत बन जाएगा।
सहयोगी दलों को लेकर असमंजस

हालांकि समीकरण इतना आसान नहीं है। VCK पहले से DMK के साथ जुड़ा हुआ है, जबकि PMK का रुझान BJP की ओर बताया जा रहा है। ऐसे में इन दलों को अपने पक्ष में लाना TVK के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती साबित हो रहा है।

AIADMK और ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ की चर्चा

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि AIADMK के एक गुट के करीब एक दर्जन विधायक TVK को समर्थन दे सकते हैं। खबर यह भी है कि ये विधायक फिलहाल पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में मौजूद हैं।

हालांकि AIADMK के वरिष्ठ नेता सी.वी. षणमुगम और के.पी. मुनुसामी ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि पार्टी किसी भी तरह के नए गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी। वहीं थलापति विजय भी AIADMK और BJP के पुराने संबंधों को देखते हुए इस गठजोड़ को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

आगे का रास्ता क्या?

यदि विजय बहुमत का ठोस प्रमाण पेश करने में असफल रहते हैं, तो राज्यपाल के पास विधानसभा को निलंबित करने और राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करने का विकल्प मौजूद रहेगा। ऐसी स्थिति में राज्य में दोबारा चुनाव की संभावना भी बन सकती है।

फिलहाल किसी भी तरह की राजनीतिक सेंधमारी से बचने के लिए TVK ने अपने 107 विधायकों को चेन्नई से करीब 50 किलोमीटर दूर महाबलिपुरम के एक रिसॉर्ट में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा है। भले ही थलापति विजय राजनीति में अपेक्षाकृत नए हों, लेकिन विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति पर वह पूरी तरह नजर बनाए हुए हैं।