तमिलनाडु एग्जिट पोल जारी, किसके हाथ लगेगी सत्ता, कौन मारेगा बाजी?

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सियासी माहौल पूरी तरह नतीजों के इंतजार में बदल चुका है। राज्य की सभी 234 सीटों पर 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान कराया गया, जिसमें मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए करीब 85 प्रतिशत रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज की। अब सबकी निगाहें 4 मई पर टिकी हैं, जब मतगणना के बाद साफ हो जाएगा कि सत्ता की बागडोर किसके हाथ में जाएगी। हालांकि, आधिकारिक नतीजों से पहले सामने आए एग्जिट पोल ने संभावित राजनीतिक तस्वीर का एक प्रारंभिक संकेत दे दिया है।

शाम होते ही विभिन्न एजेंसियों के एग्जिट पोल सामने आने लगे, जिनमें से MATRIZE के आंकड़े खास चर्चा में हैं। इस सर्वे के अनुसार, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाला DMK+ गठबंधन एक बार फिर बढ़त बनाए हुए नजर आ रहा है, लेकिन विपक्षी खेमे की चुनौती भी कम नहीं आंकी जा रही। आंकड़े संकेत देते हैं कि इस बार मुकाबला पिछली बार की तुलना में कहीं ज्यादा दिलचस्प और करीबी हो सकता है।

MATRIZE के अनुमान के मुताबिक, 234 सदस्यीय विधानसभा में DMK+ गठबंधन को लगभग 122 से 132 सीटें मिल सकती हैं, जो उन्हें सरकार बनाने की स्थिति में ला सकती हैं। दूसरी ओर, NDA गठबंधन को 87 से 100 सीटों के बीच समर्थन मिलने की संभावना जताई गई है, जिससे यह साफ है कि विपक्ष पूरी ताकत के साथ मुकाबले में बना हुआ है और अंतिम नतीजे तक तस्वीर बदल भी सकती है।
वोट शेयर के लिहाज से देखें तो DMK+ को करीब 40.3 प्रतिशत मत मिलने का अनुमान है, जो उन्हें सबसे आगे रखता है। वहीं, NDA को लगभग 37.1 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई है, जो अंतर को कम लेकिन मुकाबले को कड़ा बनाता है। इस चुनाव में एक नया और दिलचस्प फैक्टर अभिनेता विजय की पार्टी TVK रही, जिसे करीब 17.5 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है। यह प्रदर्शन उसे तीसरी ताकत के रूप में स्थापित करता दिख रहा है।

इसके अलावा अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को मिलाकर करीब 5.1 प्रतिशत वोट मिलने का आकलन किया गया है, जिससे कुछ सीटों पर समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। कुल मिलाकर, एग्जिट पोल के ये आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि तमिलनाडु में इस बार सत्ता की लड़ाई एकतरफा नहीं, बल्कि बहुपक्षीय और कड़ी टक्कर वाली है। अब देखना दिलचस्प होगा कि 4 मई को आने वाले असली नतीजे इन अनुमानों को कितना सही साबित करते हैं।