ज्योतिषीय सलाह से सत्ता तक का सफर! CM विजय ने भविष्यवाणी करने वाले राधान पंडित को दी बड़ी जिम्मेदारी

तमिलनाडु की राजनीति में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री विजय थलापति अब अपने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने में जुट गए हैं। इसी क्रम में उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। विजय ने प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य राधान पंडित को मुख्यमंत्री कार्यालय में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) के पद पर नियुक्त किया है। राज्य मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में उनकी नियुक्ति की पुष्टि की गई है।

राधान पंडित वही शख्स हैं जिन्होंने चुनाव से पहले विजय और उनकी पार्टी की भारी जीत की भविष्यवाणी की थी। इतना ही नहीं, सरकार गठन को लेकर जारी राजनीतिक असमंजस के दौरान भी उन्होंने विजय को अहम सलाह दी थी। बताया जाता है कि जब राज्यपाल की ओर से सरकार बनाने के दावे को लगातार स्वीकार नहीं किया जा रहा था, तब राधान पंडित ने ही विजय को दोबारा पहल करने और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत दावा पेश करने की सलाह दी थी। बाद में विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया और अंततः उन्हें सफलता मिली।

चुनावी जीत के बाद अचानक चर्चा में आए राधान पंडित

4 मई को राधान पंडित उस समय सुर्खियों में आ गए थे, जब चुनाव परिणामों के बीच वह सबसे पहले विजय के चेन्नई स्थित आवास पहुंचे थे। उस दौरान विजय और राधान पंडित की मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थीं। राजनीतिक विश्लेषकों और चुनावी विशेषज्ञों को जहां विजय की नई पार्टी की संभावनाओं को लेकर संशय था, वहीं राधान पंडित लगातार उनकी जीत को लेकर भरोसा जताते रहे।

उन्होंने दावा किया था कि विजय की कुंडली बेहद मजबूत है और उनकी राजनीतिक यात्रा लंबी और प्रभावशाली रहने वाली है। राधान पंडित ने सिर्फ विजय की जीत ही नहीं, बल्कि उनकी पार्टी के भविष्य को भी बेहद उज्ज्वल बताया था। चुनावी नतीजों के बाद उनकी भविष्यवाणियों की चर्चा पूरे राज्य में होने लगी।
कौन हैं राधान पंडित?

राधान पंडित को वैदिक ज्योतिष और अंकशास्त्र का अनुभवी विशेषज्ञ माना जाता है। बताया जाता है कि उन्हें इस क्षेत्र में करीब चार दशकों का अनुभव हासिल है। तमिलनाडु की राजनीति और कई प्रभावशाली व्यक्तियों के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, राधान पंडित का प्रभाव केवल विजय तक सीमित नहीं रहा है। कहा जाता है कि तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता भी बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक फैसले लेने से पहले उनसे सलाह लिया करती थीं। उस दौर में उन्हें ‘वेट्टिवेल’ नाम से भी जाना जाता था। लंबे अनुभव के चलते राज्य की राजनीति में उनकी पहचान एक प्रभावशाली ज्योतिषाचार्य के रूप में बनी हुई है।

आज के समय में राधान पंडित सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र और अंकशास्त्र से जुड़ी सलाह देते रहते हैं। उनके लाखों फॉलोअर्स भी बताए जाते हैं, जो नियमित रूप से उनकी भविष्यवाणियों और सुझावों को फॉलो करते हैं।

राजनीतिक संदेशों के बीच बढ़ी नियुक्ति की चर्चा

राधान पंडित की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब तमिलनाडु की राजनीति में वैचारिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है। हाल ही में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की ओर से सनातन धर्म को लेकर दिए गए बयान ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया था। उन्होंने सदन में भाषण के दौरान कहा था कि “लोगों को बांटने वाले सनातन को खत्म करना होगा।” इस बयान के बाद राज्य में एक बार फिर वैचारिक टकराव की चर्चा शुरू हो गई।

इससे पहले भी ऐसे ही बयान पर देशभर में विवाद खड़ा हो चुका है। ऐसे माहौल में मुख्यमंत्री कार्यालय में एक ज्योतिषाचार्य को अहम प्रशासनिक जिम्मेदारी देना राजनीतिक और सांस्कृतिक स्तर पर अलग संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय का यह फैसला केवल प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि एक प्रतीकात्मक संदेश भी हो सकता है।

फिलहाल राधान पंडित की इस नई भूमिका ने तमिलनाडु की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि मुख्यमंत्री कार्यालय में उनकी भूमिका कितनी प्रभावशाली रहती है और सरकार के फैसलों में उनका कितना योगदान देखने को मिलता है।