तमिलनाडु की राजनीति में CM भजनलाल शर्मा की एंट्री, प्रवासी राजस्थानियों को जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी

तमिलनाडु की राजनीति में अब राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma की सक्रियता देखने को मिल रही है। आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसके तहत उन्हें प्रवासी राजस्थानियों को एकजुट करने का कार्य दिया गया है। इससे पहले भी वे हरियाणा, दिल्ली और गुजरात जैसे राज्यों में इस तरह की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। अब तमिलनाडु में उन्होंने चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी है और कोयंबटूर से एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।

प्रवासी राजस्थानियों के बीच मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रवासी राजस्थानियों के बीच पहुंचकर उनसे सीधा संवाद किया और उनके योगदान की सराहना की। इस दौरान उन्होंने Narendra Modi के नेतृत्व की खुलकर तारीफ करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों को देश के विकास का आधार बताया। उन्होंने कहा कि किसान, युवा, महिलाएं और मजदूर देश की असली ताकत हैं और इनके विकास के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। साथ ही उन्होंने एनडीए उम्मीदवार के समर्थन में वोट देने की अपील कर चुनावी माहौल को और तेज कर दिया।

चुनावी प्रचार में दिखाई सक्रियता

सोमवार (6 अप्रैल) को मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव प्रचार में भाग लेते हुए कोयंबटूर उत्तर सीट से एनडीए प्रत्याशी Vanathi Srinivasan के समर्थन में रोड शो किया। उन्होंने जनता से अपील की कि वे भारी मतों से एनडीए उम्मीदवार को विजयी बनाएं। इस दौरान उन्होंने भाजपा के स्थापना दिवस की भी बधाई दी और पार्टी को एक विचारधारा आधारित संगठन बताते हुए राष्ट्र निर्माण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
तमिलनाडु सरकार पर साधा निशाना

अपने संबोधन में भजनलाल शर्मा ने राजस्थान सरकार के कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में बिजली-पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। वहीं उन्होंने तमिलनाडु की मौजूदा सरकार पर हमला बोलते हुए भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति को लोकतांत्रिक तरीके से समाप्त करना जरूरी है।

धार्मिक स्थल पर भी किया दर्शन

कोयंबटूर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने Perur Pateeswarar Temple में दर्शन कर भगवान शिव से देश और प्रदेश की समृद्धि की कामना की। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रवासी राजस्थानियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। साफ है कि इस दौरे के जरिए उन्होंने न केवल राजनीतिक रणनीति को मजबूत किया, बल्कि प्रवासी समुदाय के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी स्थापित करने की पूरी कोशिश की है