जयपुर/सीकर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) मुख्यालय के निर्देश पर सीकर इकाई ने मंगलवार को रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रींगस थाना पुलिस के दो कर्मियों को ट्रैप किया। एसीबी की टीम ने थाना रींगस में तैनात सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) सांवताराम और हेड कांस्टेबल जयसिंह (नंबर 314) को परिवादी से 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि सड़क दुर्घटना के एक मामले में जब्त वाहन को सुपुर्दगी पर छोड़ने के बदले यह राशि मांगी जा रही थी।
परिवादी ने एसीबी को दी गई शिकायत में बताया था कि उसकी गाड़ी एक दुर्घटना प्रकरण में रींगस थाना पुलिस द्वारा जब्त की गई थी। वाहन को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर वापस सुपुर्दगी पर देने के लिए जांच अधिकारी एएसआई सांवताराम कथित तौर पर 8 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने नियमानुसार पूरे मामले का गोपनीय सत्यापन कराया।
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि एएसआई सांवताराम ने परिवादी से वाहन छोड़ने की एवज में 8,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार की और आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए विशेष टीम का गठन किया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के उपमहानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह की निगरानी में गठित इस विशेष ट्रैप टीम का नेतृत्व एसीबी सीकर इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय कुमार और पुलिस निरीक्षक सुभाष मील ने किया। पूरी रणनीति के तहत मंगलवार को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
कार्रवाई के दौरान एएसआई सांवताराम ने खुद रिश्वत की रकम लेने के बजाय अपने सहयोगी हेड कांस्टेबल जयसिंह के माध्यम से परिवादी से 8,000 रुपये की राशि मंगवाई। जैसे ही जयसिंह ने परिवादी से रिश्वत के रुपये लिए, पहले से घात लगाए बैठी एसीबी टीम ने तत्काल उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। जांच में एएसआई सांवताराम की भूमिका भी बराबर की पाए जाने पर उसे भी मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही उनके ठिकानों और अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच की जा रही है। इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की विस्तृत अनुसंधान प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी वैध कार्य को करने के बदले रिश्वत या किसी प्रकार के अनुचित लाभ की मांग करता है, तो इसकी जानकारी तुरंत एसीबी को दें। इसके लिए ब्यूरो की 24 घंटे संचालित टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 तथा व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9413502834 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। एसीबी ने भरोसा दिलाया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ हर शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी और शिकायतकर्ता को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।