वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा 2024 आज से शुरू, 11.40 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे

अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा 2024 का शुभारंभ आज से हो गया है। यह परीक्षा 7 सितंबर से 12 सितंबर 2025 तक प्रदेशभर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। आयोग ने परीक्षा के सफल और निष्पक्ष आयोजन हेतु व्यापक स्तर पर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की है।

परीक्षा का प्रारूप और विषयवार विभाजन

इस प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन आठ विषयों के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसमें कुल 2,129 पदों के लिए प्रतिस्पर्धा होगी। परीक्षा को चार समूहों (ग्रुप ए, बी, सी और डी) में विभाजित किया गया है।

—ग्रुप ए (7 सितंबर) :
सामान्य ज्ञान और सामाजिक विज्ञान

—ग्रुप बी (8 सितंबर) :
सामान्य ज्ञान और हिंदी

—ग्रुप सी (9 व 10 सितंबर) : विज्ञान, संस्कृत और उर्दू

—ग्रुप डी (11 व 12 सितंबर) : गणित, अंग्रेजी और पंजाबी


परीक्षा प्रतिदिन दो पारी में आयोजित की जा रही है — प्रातः 10:00 से 12:00 बजे तथा अपराह्न 3:00 से 5:30 बजे तक।

परीक्षा में पंजीकृत अभ्यर्थी और समय प्रबंधन


इस परीक्षा के लिए कुल 11.40 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। केवल पहले दिन की सुबह की पारी में ही लगभग 3.59 लाख उम्मीदवार सम्मिलित हो रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुबह 8 बजे से ही परीक्षार्थियों का आगमन शुरू हो गया था, जिन्हें कड़ी जांच प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही प्रवेश दिया गया। आयोग ने अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिका में पांचवें विकल्प के लिए 10 मिनट का अतिरिक्त समय देने का प्रावधान किया है।

सुरक्षा और पारदर्शिता पर बल

राजस्थान लोक सेवा आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता, दलाली या अनुचित साधन अपनाने वालों के विरुद्ध कड़े दंडात्मक प्रावधान लागू होंगे। राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2022 के तहत दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास, दस करोड़ रुपये तक का आर्थिक दंड तथा संपत्ति की जब्ती तक की कार्रवाई की जा सकती है। आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या प्रलोभन की सूचना प्रमाण सहित आयोग के कंट्रोल रूम पर उपलब्ध कराएं।

इस प्रकार, वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा 2024 न केवल लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को दिशा देने वाली प्रक्रिया है, बल्कि यह राज्य में पारदर्शी और सुदृढ़ शैक्षिक भर्ती प्रणाली को बनाए रखने की एक महत्वपूर्ण परीक्षा भी है।