राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही आज सुबह 11 बजे शुरू हो चुकी है। इस बार का सत्र विशेष इसलिए है क्योंकि आज प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं होंगे। दोपहर 2 बजे से सदन में चर्चा का विषय रहेगा – भजनलाल सरकार के 2 साल बनाम गहलोत सरकार के 5 साल। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने दृष्टिकोण सदन में प्रस्तुत करेंगे।
भजनलाल सरकार का दावा है कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर, जल प्रबंधन, रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया। लंबित परियोजनाओं को गति दी गई और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई।
भजनलाल सरकार के 10 प्रमुख कार्य और योजनाएंईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP) का कार्यान्वयन
लाडो प्रोत्साहन योजना
36,000 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण
डेढ़ लाख से अधिक सरकारी नौकरियां
मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में वृद्धि
दो हजार करोड़ रुपये का डेयरी डेवलपमेंट फंड
आयुष्मान भारत–मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना
निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS)
हरियालो राजस्थान अभियान
अन्य प्रमुख उपलब्धियां: 351 से अधिक भर्ती परीक्षाएं आयोजित की गईं, 92,000 से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई और 2026 के लिए 1 लाख से अधिक पदों का भर्ती कैलेंडर जारी किया गया।
गहलोत सरकार की 10 प्रमुख योजनाएं और निर्णयमुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना
पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली
इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना
इंदिरा रसोई योजना
महंगाई राहत कैंप और दस योजनाओं का पैकेज
मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना
इंदिरा गांधी स्मार्टफोन योजना
मुख्यमंत्री कामधेनु पशु बीमा योजना
महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल
मुख्यमंत्री निशुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना
अन्य बड़े निर्णय: घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली, किसानों को 2,000 यूनिट तक राहत, बाल गोपाल योजना, अनुप्रति कोचिंग योजना, 19 नए जिले और 3 नए संभागों का गठन, और महिलाओं के लिए वर्क फ्रॉम होम योजना लागू की गई।
आज की बहस विधानसभा में यह स्पष्ट करेगी कि दोनों सरकारों ने किन क्षेत्रों में अपने वादों को पूरा किया और जनता के लिए कौन-सी योजनाएं अधिक प्रभावी साबित हुई हैं।