राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों के नतीजों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर स्पष्ट बढ़त बनाई है। 309 शहरी स्थानीय निकायों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी ने सबसे अधिक वार्डों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही। हालांकि कई निकायों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी मजबूत प्रदर्शन किया है, जिससे कुछ जगहों पर बोर्ड गठन का गणित दिलचस्प हो गया है।
उपलब्ध नतीजों के अनुसार बीजेपी ने करीब 4,179 वार्डों में जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस के खाते में 3,613 वार्ड आए। निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी 2,273 वार्डों में जीत दर्ज की। इसके अलावा आरएलपी, आम आदमी पार्टी, सीपीआईएम, बीएसपी और भारत आदिवासी पार्टी के उम्मीदवारों ने भी कुछ वार्डों में जीत हासिल की।
चार नगर निगमों में बीजेपी को बहुमतराजस्थान के 10 नगर निगमों में बीजेपी ने जयपुर, उदयपुर, कोटा और भीलवाड़ा में स्पष्ट बहुमत हासिल किया। उदयपुर में बीजेपी ने 80 में से 53, भीलवाड़ा में 70 में से 45 और कोटा में 100 में से 55 वार्ड जीते। जयपुर में भी बीजेपी ने 150 में से 78 वार्ड अपने नाम किए।
दूसरी ओर, बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया। यहां कांग्रेस को 80 में से 42 वार्डों में जीत मिली। अजमेर और पाली में भी कांग्रेस मजबूत स्थिति में रही, जबकि जोधपुर में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला बराबरी का रहा और निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई।
भजनलाल शर्मा के गृह क्षेत्र भरतपुर में निर्दलीयों का दबदबा
इन चुनाव परिणामों में भरतपुर का नतीजा खास तौर पर चर्चा में रहा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह क्षेत्र भरतपुर नगर निगम में निर्दलीय उम्मीदवारों ने सबसे ज्यादा 36 वार्ड जीते। बीजेपी को 20 और कांग्रेस को सात वार्ड मिले। ऐसे में मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में बीजेपी बहुमत हासिल नहीं कर सकी।
राज्यभर में बीजेपी की बढ़त के बावजूद निर्दलीयों के प्रदर्शन ने कई नगर निकायों में सत्ता गठन का समीकरण बदल दिया है। अजमेर, पाली और जोधपुर जैसे निकायों में बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीय पार्षदों का समर्थन निर्णायक हो सकता है।
नतीजों पर CM भजनलाल की प्रतिक्रियानिकाय चुनाव में बीजेपी के प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने इस जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और बीजेपी कार्यकर्ताओं की मेहनत से जोड़ते हुए कहा कि जनता ने सरकार के कामकाज और विकास के विजन पर भरोसा जताया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बीजेपी आगामी पंचायत चुनाव में इससे भी बेहतर प्रदर्शन करने को लेकर आश्वस्त है। उन्होंने निकाय चुनाव के परिणामों के बाद पार्टी के पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटने की बात कही।
कांग्रेस के लिए क्या संकेत?निकाय चुनाव के आंकड़ों में कांग्रेस बीजेपी से पीछे रही, हालांकि कई शहरी क्षेत्रों में पार्टी ने मुकाबला कायम रखा। बीकानेर में कांग्रेस ने नगर निगम में बहुमत हासिल किया और अजमेर तथा पाली जैसे निकायों में भी वह मजबूत स्थिति में रही। वहीं पार्टी की ओर से चुनावी प्रक्रिया और परिसीमन को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
इन परिणामों में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि बीजेपी और कांग्रेस के अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों ने बड़ी संख्या में वार्ड जीते हैं। इसलिए सिर्फ कुल वार्डों की संख्या के आधार पर सभी निकायों में बोर्ड गठन की तस्वीर तय नहीं होती और कई जगहों पर स्थानीय समीकरण महत्वपूर्ण रहेंगे।
दिल्ली बुलाए जाने की खबरनिकाय चुनाव के नतीजों के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरे की खबर सामने आई है। हालांकि उपलब्ध विश्वसनीय स्रोतों में इस समय उनके दिल्ली बुलाए जाने के उद्देश्य की स्वतंत्र और स्पष्ट पुष्टि नहीं मिलती है। इसलिए इसे मंत्रिमंडल में बदलाव, संगठनात्मक फेरबदल या किसी अन्य राजनीतिक फैसले से जोड़कर दावा करना अभी उचित नहीं होगा।