राजस्थान के अलवर जिले में शिवाजी पार्क थाना पुलिस ने एक शातिर महिला को गिरफ्तार किया है, जो खुद को डॉक्टर बताकर महंगी गाड़ियों में सफर कर रहे अनजान लोगों से लिफ्ट मांगती थी और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर मोटी रकम ऐंठ लेती थी। इस महिला ने न केवल अलवर बल्कि जयपुर समेत अन्य शहरों में अब तक करीब 27 लोगों को हनी ट्रैप का शिकार बनाया है।
कैसे करती थी शिकार: 'मैं डॉक्टर हूं, लिफ्ट दे दो'थाना प्रभारी विनोद सामरिया ने बताया कि एक पीड़ित ने रिपोर्ट दी कि 23 जून 2025 को रात करीब 10 बजे, जब वह अपनी दुकान से घर लौट रहा था, तभी मंगलम सिटी के पास 200 फीट रोड पर एक महिला उसकी कार के सामने आ गई। महिला ने खुद को डॉक्टर बताया और अंसल टाउन तक लिफ्ट मांगी। लिफ्ट देने के दौरान दोनों के बीच मोबाइल नंबर का आदान-प्रदान हुआ और बातचीत शुरू हो गई। कुछ दिनों बाद महिला ने पीड़ित को बलात्कार का झूठा केस दर्ज कराने की धमकी दी और ₹45,000 की मांग की। घबराकर पीड़ित ने पहले ₹25,000 दे दिए और फिर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी।
पुलिस ने जाल बिछाकर किया रंगे हाथों गिरफ्तारपुलिस ने महिला को पकड़ने के लिए योजना बनाई। पीड़ित को ₹500 के 40 नोट (कुल ₹20,000) देकर बीएसआर कॉलेज के पास भेजा गया, साथ में महिला व पुरुष कांस्टेबल भी सादे कपड़ों में मौजूद थे। जैसे ही महिला ने पैसे लिए, पुलिस ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया। पूछताछ में महिला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि वह 20 साल से इस ठगी के काम में सक्रिय है।
जयपुर में दर्ज हैं 14 केस, उज्जैन की है रहने वालीपुलिस जांच में सामने आया कि यह महिला मध्य प्रदेश के उज्जैन के नानाखेड़ा स्थित एकता नगर कॉलोनी की रहने वाली है। वह 'तृषा खान', 'तृषा राठौर', जैसे अलग-अलग नामों का उपयोग कर लोगों को ठगती थी। जयपुर के विभिन्न थानों में 14 मुकदमे पहले से दर्ज हैं। अलवर में भी वह 15 से ज्यादा लोगों को निशाना बना चुकी है।
बातों में फंसाकर ब्लैकमेल करती थी महिलामहिला अक्सर कहती कि वह सरिस्का घूमने आई है, जिससे सामने वाला सहज महसूस करे। वह गाड़ी में सवार होते ही नंबर लेती, फिर सोशल मीडिया या कॉल पर संपर्क बढ़ाकर अपने जाल में फंसाती। फिर धीरे-धीरे संबंधों की बात निकालकर बलात्कार के फर्जी आरोप की धमकी देती और कहती कि सबूत इकट्ठा कर लिए हैं। पीड़ित डरकर उसे रकम थमा देता।
बढ़ती घटनाओं पर चिंताहनी ट्रैप की ऐसी घटनाएं अब राज्यभर में तेजी से बढ़ रही हैं, खासकर टूरिस्ट डेस्टिनेशन और बड़े शहरों में। साइबर अपराध विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से बचने के लिए लोगों को किसी भी अजनबी से व्यक्तिगत जानकारी साझा करने या लिफ्ट देने से पहले सतर्क रहना चाहिए।