राजस्थान के इकलौते हिल स्टेशन माउंट आबू में ठंड ने अपने तेवर और तीखे कर लिए हैं। सोमवार, 29 दिसंबर को यहां न्यूनतम तापमान गिरकर 1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे पूरे इलाके में शीतलहर का असर साफ दिखाई देने लगा। गुरुशिखर, देलवाड़ा, अचलगढ़ और आसपास के गांवों में सर्द हवाओं ने लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर दिया। अलसुबह कई स्थानों पर ओस जमने के कारण पेड़-पौधों, घास और वाहनों की छतों पर सफेद परत नजर आई। हालांकि, गिरते तापमान के बावजूद माउंट आबू का ठंडा मौसम पर्यटकों के लिए किसी रोमांच से कम नहीं है। नए साल से पहले देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में सैलानी यहां पहुंच रहे हैं और सर्दियों की खूबसूरती का आनंद ले रहे हैं।
पर्यटन स्थलों पर उमड़ी भीड़, बाजारों में लौटी रौनकनक्की लेक, टॉड रॉक, हनीमून प्वाइंट और सनसेट प्वाइंट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल सुबह से ही सैलानियों से गुलजार रहे। ऊनी कपड़ों में लिपटे लोग ठंडे मौसम के बीच फोटो खिंचवाते, गरम चाय-कॉफी की चुस्कियां लेते और स्थानीय स्वादिष्ट व्यंजनों का मजा लेते दिखाई दिए। सर्दी बढ़ने के साथ ही स्थानीय बाजारों में भी रौनक लौट आई है। जैकेट, स्वेटर, मफलर और टोपी की बिक्री में तेजी देखी जा रही है। होटल, रिसॉर्ट और गेस्ट हाउस की बुकिंग भी लगातार बढ़ रही है, जिससे पर्यटन और व्यापार से जुड़े लोगों के चेहरे खिले हुए हैं। वीकेंड और नए साल के जश्न के करीब आते ही पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।
कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित, सावधानी बरतने की अपीलजहां एक ओर ठंड पर्यटकों को आकर्षित कर रही है, वहीं दूसरी ओर आम जनजीवन पर इसका असर भी पड़ रहा है। सुबह और शाम के समय ठंड अधिक होने से लोग अलाव और हीटर का सहारा ले रहे हैं। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से गर्म कपड़े पहनने, शरीर को ढककर रखने और अनावश्यक रूप से सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की अपील की है।
आने वाले दिनों में और गिरेगा पारामौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। ऐसे में माउंट आबू में ठंड का यह सिलसिला फिलहाल थमने के आसार नहीं हैं। नए साल के जश्न से पहले बर्फीली ठंड और मनमोहक मौसम माउंट आबू को सैलानियों के लिए और भी खास बना रहा है।