राजस्थान की राजधानी जयपुर में इबोला वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ाने वाला एक मामला सामने आया है। युगांडा से भारत पहुंची एक विदेशी महिला में इबोला संक्रमण जैसे लक्षण मिलने के बाद प्रशासन और चिकित्सा विभाग सतर्क हो गया है। प्रारंभिक जांच के दौरान महिला में ऐसे संकेत पाए गए हैं, जो इबोला वायरस से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि फिलहाल संक्रमण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
जानकारी के अनुसार महिला हाल ही में युगांडा से राजस्थान घूमने के उद्देश्य से जयपुर पहुंची थी। एयरपोर्ट पर नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान उसकी स्थिति को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ, जिसके बाद तत्काल चिकित्सकीय परीक्षण शुरू कर दिए गए। एहतियाती कदम उठाते हुए उसका सैंपल लेकर पुणे स्थित विशेष प्रयोगशाला में भेजा गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अगले दो दिनों के भीतर रिपोर्ट मिलने की संभावना है, जिसके बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला वास्तव में इबोला संक्रमण से जुड़ा है या नहीं।
संदिग्ध लक्षण मिलने के बाद अस्पताल में किया गया भर्तीमहिला को तुरंत जयपुर के राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है और उसे अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है, ताकि किसी भी संभावित जोखिम को रोका जा सके।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मरीज में कुछ ऐसे लक्षण दिखाई दिए हैं जो इबोला वायरस से मेल खाते हैं। इसी कारण उसे अन्य मरीजों से अलग रखते हुए विशेष निगरानी में रखा गया है। अस्पताल प्रशासन ने भी संक्रमण नियंत्रण से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं लागू कर दी हैं।
रिपोर्ट आने तक नहीं होगी किसी निष्कर्ष की घोषणास्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभी तक महिला के इबोला संक्रमित होने की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल केवल लक्षणों के आधार पर उसे संदिग्ध श्रेणी में रखा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाह या घबराहट फैलाने से बचना चाहिए, क्योंकि अंतिम फैसला केवल लैब रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग के दौरान उसकी तबीयत को लेकर संदेह हुआ था। इसके बाद अस्पताल में दोबारा विस्तृत जांच की गई। चिकित्सा विशेषज्ञों ने सावधानी बरतते हुए उसे आइसोलेशन में रखने का निर्णय लिया, ताकि यदि संक्रमण की पुष्टि होती है तो समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड परइस घटनाक्रम के बाद राजस्थान का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। विभाग ने संबंधित अस्पतालों और चिकित्सा इकाइयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। साथ ही विदेश से आने वाले यात्रियों की निगरानी और स्क्रीनिंग प्रक्रिया पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि राज्य में किसी भी संभावित संक्रामक बीमारी को लेकर तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो संपर्क में आए लोगों की पहचान और ट्रैकिंग की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
हैदराबाद में भी सामने आया संदिग्ध मामलाराजस्थान के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे एक सूडानी नागरिक में भी इबोला जैसे लक्षण दिखाई देने की जानकारी सामने आई है।
बताया गया है कि यह यात्री हाल ही में दक्षिण सूडान और युगांडा की यात्रा कर चुका था। स्वास्थ्य जांच के दौरान संदिग्ध संकेत मिलने पर उसे भी आगे की चिकित्सकीय जांच और निगरानी के लिए आइसोलेशन में भेज दिया गया। वहां भी स्वास्थ्य एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
छत्तीसगढ़ में तीन विदेशी यात्रियों पर निगरानीइसी बीच छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भी प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए तीन लोगों को निगरानी में रखा है। ये तीनों हाल ही में अफ्रीका के उन देशों से लौटे हैं जहां इबोला संक्रमण के मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार इन यात्रियों में फिलहाल बीमारी का कोई लक्षण नहीं पाया गया है और न ही इनके किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने की जानकारी मिली है। फिर भी सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें 21 दिनों के लिए घर पर पृथकवास में रहने की सलाह दी गई है।
विदेश यात्रा से लौटे यात्रियों पर रखी जा रही नजरदुर्ग के जिलाधिकारी अभिजीत सिंह ने बताया कि एक महिला 31 मई को कांगो से वापस लौटी थी, जबकि दो अन्य व्यक्ति 2 जून को इथियोपिया और युगांडा से भिलाई पहुंचे थे। स्वास्थ्य विभाग इन सभी की नियमित निगरानी कर रहा है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इबोला जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी के मामलों में शुरुआती सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण होती है। यही वजह है कि देशभर में विदेश से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग बढ़ाई गई है और संदिग्ध मामलों में तत्काल आइसोलेशन तथा जांच की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
फिलहाल जयपुर की महिला की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। तब तक सभी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं और लोगों से भी अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।