राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी शनिवार को विद्याधर नगर में आयोजित 'स्वयं सिद्धा राखी तीज मेला 2025' में पहुंचीं। इस मौके पर उन्होंने झालावाड़ स्कूल हादसे को लेकर मीडिया से बातचीत की और हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की। दिया कुमारी ने कहा कि इस विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह किसी एक पक्ष या विपक्ष का मामला नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये स्कूल बिल्डिंग्स वर्षों से जर्जर हालत में थीं, जिस पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को अधिक सतर्कता और ध्यान देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए बेहतर कदम उठाए जाएंगे।
अगर कहीं जर्जर इमारत दिखे, तुरंत सूचित करेंदिया कुमारी ने बताया कि इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को टाला जा सके। उन्होंने जनता से भी आग्रह किया कि अगर कहीं किसी भी सरकारी या निजी इमारत की स्थिति खराब दिखे, तो तुरंत इसकी जानकारी प्रशासन को दें। प्रशासन मौके पर जाकर उसका सर्वे करेगा और यदि जरूरत पड़ी तो उसकी मरम्मत या पुनर्निर्माण करवाया जाएगा, और जरूरत पड़ने पर इमारत को गिराने की कार्रवाई भी की जाएगी।
पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने भी जताई नाराजगीझालावाड़ पहुंचे राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग को पहले ही ऐसे जर्जर भवनों की पहचान कर लेना चाहिए था और बच्चों को सुरक्षित स्थानांतरित कर देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से बच्चों और अभिभावकों के मन में डर और चिंता पैदा होती है।
प्रदेशभर के स्कूलों का कराया जाएगा सर्वेवसुंधरा राजे ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिक्षा विभाग प्रदेश के सभी स्कूलों की स्थिति की जांच करे। जिन स्कूलों की इमारतें जर्जर हैं, वहां के बच्चों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। इन जर्जर भवनों को गिराकर नए भवन बनवाए जाएं ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और उनकी जान जोखिम में न पड़े।
प्रिंसिपल और चार शिक्षकों को सस्पेंड किया गयाझालावाड़ स्कूल हादसे के बाद शिक्षा विभाग ने उस सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल समेत तीन अन्य शिक्षकों और एक प्रबोधक शिक्षक को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही इस घटना की पूरी गहन जांच के आदेश भी दिए गए हैं ताकि दोषियों को कड़ी सजा दी जा सके और भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके।