जयपुर: राजस्थान में कानून-व्यवस्था को लेकर राहत देने वाली तस्वीर सामने आई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर राज्य की सुरक्षा व्यवस्था का पूरा रिपोर्ट कार्ड परखा। बैठक के बाद जो आंकड़े सामने आए हैं, वे प्रदेशवासियों के लिए भरोसा बढ़ाने वाले हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पूरी सख्ती के साथ लागू की जा रही है।
कुल अपराधों में 18.77% की बड़ी कमी2023 से 2025 के बीच के आंकड़ों की तुलना करने पर राजस्थान में अपराध दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। कुल अपराधों में 18.77 प्रतिशत की कमी आई है, जो यह दर्शाता है कि राज्य में गंभीर आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण मजबूत हुआ है।
आंकड़ों के अनुसार, हत्या के मामलों में 25.68% की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं डकैती के मामलों में लगभग 47.26% की कमी आई है। सबसे बड़ी राहत लूट के मामलों में देखने को मिली है, जहां यह आंकड़ा 50.75% तक घट गया है। पुलिस की सख्ती और लगातार कार्रवाई ने अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया है।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ी सतर्कताबैठक में पेश किए गए डेटा के अनुसार, राज्य सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता में रखा है। इसी दिशा में 1090 हेल्पलाइन सेवा की 42 नई मोबाइल यूनिट्स को सड़क पर उतारा गया है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
इन प्रयासों का असर भी दिख रहा है। महिला अपराधों में 9.94% की कमी दर्ज की गई है। पुलिस अब इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि किसी भी पीड़िता को मदद पाने में देरी न हो और त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम और मजबूत किया जाए।
पेपर लीक और गैंगस्टर नेटवर्क पर सख्त कार्रवाईराज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्पेशल SIT का गठन किया, जिसके परिणामस्वरूप इस कार्यकाल में किसी भी बड़े पेपर लीक की घटना सामने नहीं आई है। इसे सरकार की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
इसके साथ ही संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) सक्रिय रूप से काम कर रही है, जिससे अवैध हथियारों और आपराधिक गतिविधियों में भी गिरावट आई है।
साइबर फ्रॉड में राहत, करोड़ों रुपये होल्ड और रिफंडबढ़ते साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने विशेष साइबर यूनिट्स और R4C सिस्टम को सक्रिय किया है। इसके तहत अब तक करीब 120 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में से 28 करोड़ रुपये को फ्रीज (होल्ड) कराया गया है।
इसके अलावा, ठगी के शिकार लोगों को राहत देते हुए लगभग 44 लाख रुपये की राशि उनके खातों में वापस भी कराई गई है। इससे साइबर अपराध पर नियंत्रण की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही है।
नशे और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त घेराबंदीप्रदेश में नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसके तहत एक नया थाना और 17 नई चौकियां स्थापित की गई हैं, जिससे निगरानी व्यवस्था और मजबूत हुई है।
राज्य सरकार का लक्ष्य नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में राजस्थान को देश में शीर्ष स्थान पर पहुंचाना है। फिलहाल यह राज्य इस कार्य में तीसरे स्थान पर है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कम्युनिटी पुलिसिंग को और मजबूत किया जाएगा ताकि पुलिस और जनता के बीच सहयोग बढ़े और अपराधियों में कानून का भय बना रहे।