प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत 6,139 नए घरों को मंजूरी, 153.47 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत

जयपुर। राज्य में शहरी गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत 6,139 नए बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (बीएलसी) आवासों को मंजूरी दी गई है। बुधवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (एसएलएसएमसी) की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इन स्वीकृत आवासों के निर्माण के लिए कुल 153.47 करोड़ रुपये की सरकारी सहायता भी अनुमोदित की गई।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के उन 6,593 आवासों की भी समीक्षा की गई, जिनका निर्माण विभिन्न कारणों से अब तक शुरू नहीं हो सका है। इस संबंध में भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई और आवश्यक प्रक्रियाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि पात्र शहरी परिवारों को समय पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन आवासों को स्वीकृति मिल चुकी है, उनका निर्माण तय समय-सीमा के भीतर पूरा कराया जाए और योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।

उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (बीएलसी) और अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (एएचपी) मॉडल के तहत अपनाई गई सफल कार्यप्रणालियों को राज्य के सभी शहरी निकायों में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। इससे योजना का लाभ अधिक संख्या में पात्र परिवारों तक तेज़ी से पहुंच सकेगा और आवास निर्माण की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी होगी।
मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि योजना के तहत प्रत्येक पात्र लाभार्थी को मकान निर्माण के लिए 2.50 लाख रुपये की सरकारी वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि इस बार स्वीकृत सभी 6,139 आवासों के लिए पहली किस्त के रूप में करीब 61 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके और लाभार्थियों को समय पर सहायता मिल सके।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन आलोक गुप्ता, स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग, वित्त विभाग, ऊर्जा विभाग, मुख्य नगर नियोजक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक, रुडसिको के कार्यकारी निदेशक तथा मिशन निदेशक (पीएमएवाई-यू) सहित समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की रणनीति पर भी विस्तृत चर्चा की गई।