PM मोदी ने राजस्थान से शुरू किया राष्ट्रीय HPV वैक्सीनेशन अभियान, 1.15 करोड़ बेटियों को मिलेगा सुरक्षा कवच

अजमेर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने देश की बेटियों के स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए बड़ा कदम उठाया। शनिवार को उन्होंने रिमोट बटन दबाकर राष्ट्रीय एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। यह पहल खासतौर पर सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते खतरे को रोकने के उद्देश्य से बनाई गई है। कार्यक्रम की शुरुआत में ही पीएम की मौजूदगी में पांच किशोरियों को यह जीवनरक्षक टीका लगाया गया।

किसे मिलेगा और कैसे लगेगा टीका?

इस राष्ट्रीय अभियान के तहत हर साल देशभर में लगभग 1.15 करोड़ 14 वर्षीय लड़कियों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि यह टीका आम परिवारों पर कोई आर्थिक बोझ नहीं डालेगा और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों (PHC/CHC) और सरकारी अस्पतालों में यह पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध होगा। लाभार्थी बेटियां अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर टीका लगवा सकती हैं। इसके साथ ही सरकार स्कूलों के माध्यम से जागरूकता अभियान और टीकाकरण सत्र भी आयोजित करेगी, ताकि कोई भी पात्र लड़की इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे।
'मां की सेहत, परिवार की धुरी'

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में महिलाओं की सेहत और सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब घर की मां बीमार होती है, तो पूरा परिवार प्रभावित होता है। यदि मां स्वस्थ और सशक्त है, तो वह परिवार को हर संकट से निकालने की ताकत रखती है। इसी सोच के साथ केंद्र सरकार ने नारी शक्ति को संबल देने वाली योजनाओं को प्राथमिकता दी है, ताकि देश की आधी आबादी को हर स्तर पर सुरक्षा और सम्मान मिले।

2014 से पहले के दौर पर निशाना

बीते समय की तुलना करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले बहनों और बेटियों को शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा न होने के कारण अपमान और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लड़कियां स्कूल बीच में ही छोड़ देती थीं, लेकिन पुरानी सरकारों ने इस मुद्दे पर कभी गंभीर ध्यान नहीं दिया। मोदी ने कहा कि उनके लिए यह सिर्फ शौचालय का मुद्दा नहीं था, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान और स्वास्थ्य का संवेदनशील मसला था, जिसे ‘मिशन मोड’ में हल किया गया।

'सत्ता नहीं, संवेदनशीलता है आधार'

प्रधानमंत्री ने केंद्र की अन्य महिला केंद्रित योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान कुपोषण माताओं के लिए जानलेवा साबित हो सकता है, इसलिए सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत ₹5000 सीधे बैंक खातों में भेजे जा रहे हैं। साथ ही, ‘उज्ज्वला योजना’ के माध्यम से धुएं में खांसती माताओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा रही है। पीएम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि उनकी सरकार का मकसद केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनता की भलाई और संवेदनशीलता के साथ काम करना है।