नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बढ़ा रोमांच: अब खुले जंगल में व्हाइट टाइगर भीम और गोल्डन स्कंधी का दीदार करेंगे सैलानी

जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक रोमांचक खबर सामने आई है। अब यहां आने वाले सैलानी खुले जंगल जैसे माहौल में व्हाइट टाइगर का दीदार कर सकेंगे। लंबे इंतजार के बाद व्हाइट टाइगर शावक भीम और गोल्डन टाइगर शावक स्कंधी को टाइगर सफारी क्षेत्र में छोड़ दिया गया है, जिससे अब पर्यटक उन्हें प्राकृतिक वातावरण में घूमते-फिरते देख सकेंगे।

राजधानी जयपुर के इस प्रसिद्ध पार्क में इन दोनों दुर्लभ शावकों का प्रवेश पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बन गया है। जैसे ही इन्हें सफारी में छोड़ा गया, वैसे ही लोगों में उत्साह देखने लायक था। बच्चे हों या बड़े, हर कोई इन शावकों की चंचल हरकतों और उनके स्वाभाविक व्यवहार को देखकर रोमांचित नजर आया।

डीएफओ विजयपाल सिंह के अनुसार, यह पहला मौका है जब व्हाइट टाइगर भीम और गोल्डन टाइगर स्कंधी को टाइगर सफारी में छोड़ा गया है। काफी समय से सैलानी इन दोनों को खुले वातावरण में देखने की प्रतीक्षा कर रहे थे। रविवार को जैसे ही इन्हें सफारी में छोड़ा गया, वैसे ही पार्क का माहौल उत्सव जैसा हो गया और पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी।

वन विभाग ने इन शावकों की सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। एसीएफ देवेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि विशेषज्ञों की टीम लगातार इनकी गतिविधियों पर नजर रख रही है, ताकि ये नए वातावरण में आसानी से ढल सकें। यह कदम न सिर्फ वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे पर्यटन को भी नया बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क पहले से ही जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है, लेकिन अब इन दुर्लभ व्हाइट और गोल्डन टाइगर शावकों की मौजूदगी इसकी लोकप्रियता को और बढ़ाएगी। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में यहां पर्यटकों की संख्या में अच्छा खासा इजाफा देखने को मिल सकता है, जिससे स्थानीय पर्यटन उद्योग को भी लाभ होगा।
जानकारी के मुताबिक, दोनों शावक 10 मई को दो वर्ष के हो जाएंगे। इन्हें खुले माहौल में छोड़ना इनके प्राकृतिक विकास और व्यवहार के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। क्षेत्रीय वन अधिकारी शुभम शर्मा ने बताया कि व्हाइट और गोल्डन टाइगर जैसे दुर्लभ प्रजाति के शावक बहुत कम जगहों पर देखने को मिलते हैं, इसलिए यह अनुभव पर्यटकों के लिए खास बन जाता है।

वहीं, सफारी में पहुंचे पर्यटकों ने भी इस अनुभव को यादगार बताया। कई लोगों ने कहा कि वे लंबे समय से व्हाइट टाइगर देखने की इच्छा रखते थे, जो अब जयपुर में ही पूरी हो गई। परिवार के साथ इन शावकों को करीब से देखना उनके लिए बेहद खास पल रहा। कुछ पर्यटकों ने यह भी कहा कि जो अनुभव पहले दूसरे शहरों या जंगलों में जाकर मिलता था, अब वही सुविधा जयपुर में उपलब्ध हो गई है।

जयपुर, कोटा और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग नाहरगढ़ सफारी पहुंच रहे हैं। व्हाइट टाइगर के प्रति लोगों का आकर्षण साफ नजर आ रहा है, और यही वजह है कि यह नई पहल पर्यटन के लिहाज से एक बड़ी सफलता साबित हो सकती है।