डोटासरा के बयान पर मदन राठौड़ का जोरदार पलटवार, बोले—'सीना ठोककर कहता हूं, हमारी सरकार में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ'

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने शनिवार (16 मई) को कोटपूतली में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने डोटासरा के उस बयान को पूरी तरह गलत बताया, जिसमें एनटीए को भाजपा और आरएसएस से जुड़ी एजेंसी कहा गया था।

राठौड़ ने कहा कि डोटासरा अक्सर बिना तथ्यों के बयान देते हैं और स्वयं भी यह स्पष्ट नहीं रहता कि वे क्या कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनटीए को किसी राजनीतिक संगठन से जोड़ना पूरी तरह भ्रामक है और पहले कांग्रेस को अपने शासनकाल में हुए पेपर लीक मामलों का जवाब देना चाहिए।

पीएम मोदी के ईंधन बचत संदेश पर भी दी प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन की बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग की अपील पर विपक्ष की आलोचना को लेकर भी मदन राठौड़ ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सरकार ने “पानी बचाओ” और “बिजली बचाओ” जैसे अभियान चलाए थे, तब किसी ने आपत्ति नहीं जताई थी।

राठौड़ के अनुसार, संसाधनों का संरक्षण हर नागरिक की जिम्मेदारी है और इस पर राजनीति करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मितव्ययिता अपनाना समय की जरूरत है, न कि किसी दल विशेष का मुद्दा।

कांग्रेस सरकार पर भर्ती और पेपर लीक को लेकर निशाना

पूर्व कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए राठौड़ ने कहा कि एसआई भर्ती परीक्षा के दौरान चयनित अभ्यर्थियों को दो साल नौकरी करने के बाद घर भेज दिया गया, जिससे उनके करियर और भविष्य दोनों पर असर पड़ा।

उन्होंने कहा कि मौजूदा घटनाओं की तुलना में उस समय की स्थितियां अधिक गंभीर थीं। वहीं एनटीए द्वारा तत्काल परीक्षा रद्द करने के फैसले को उन्होंने सही और समय पर उठाया गया कदम बताया, ताकि छात्रों पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
“हमारी सरकार में एक भी पेपर लीक नहीं” — राठौड़ का दावा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार में अब तक एक भी पेपर लीक की घटना सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि वे “सीना ठोककर” यह दावा करते हैं कि वर्तमान सरकार पूरी तरह पारदर्शी तरीके से काम कर रही है।

राठौड़ ने कहा कि हाल ही में सामने आए कुछ मामलों की जड़ें अन्य राज्यों से जुड़ी हुई हैं और NTA द्वारा परीक्षा रद्द करना सही निर्णय था। उन्होंने कहा कि यदि इसमें देरी होती तो छात्रों की मानसिक स्थिति और तैयारी दोनों प्रभावित हो सकते थे।

“जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी” — राठौड़

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। राठौड़ ने दावा किया कि जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं और बड़े स्तर पर जुड़े लोगों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी रहे महेश जोशी जैसे बड़े नेताओं की गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी बचाया नहीं जा रहा है।