जैसलमेर: राजस्थान के जैसलमेर जिले के नाचना क्षेत्र में एक बेहद अहम और चौंकाने वाली कार्रवाई सामने आई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही जंग में एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने एक किसान की शिकायत पर दो लोगों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इन दोनों में एक सरकारी कर्मचारी और दूसरा निजी व्यक्ति शामिल है, जिनकी यह करतूत अब कानून के शिकंजे में आ चुकी है। यह पूरी कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर जोधपुर की विशेष इकाई ने अंजाम दी, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने खुद जानकारी दी कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रावलसिंह भाटी (कनिष्ठ अभियंता, जोधपुर डिस्कॉम, नाचना) और रूपाराम (निजी व्यक्ति) शामिल हैं। दोनों को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। यह खबर सुनकर आम लोगों में कुछ उम्मीद जगी है कि सिस्टम में बदलाव संभव है।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता किसान ने बताया कि रावलसिंह भाटी ने उसके किराए के ट्यूबवेल पर नया बिजली कनेक्शन देने और उसका एस्टीमेट तैयार करने की एवज में 40,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। यह सुनकर किसान परेशान हो गया और उसने एसीबी की शरण ली।
इसके बाद एसीबी जोधपुर रेंज के डीआईजी हरेन्द्र कुमार महावर की निगरानी और एएसपी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में जाल बिछाया गया। टीएलओ पदमपाल सिंह (निरीक्षक) और उनकी टीम ने पूरी योजना बनाकर इस ट्रैप को अंजाम दिया। जैसे ही आरोपी जेई रावलसिंह ने अपने दलाल रूपाराम के जरिए 30,000 रुपये की रिश्वत दिलवाई, टीम ने तुरंत रूपाराम को मौके पर दबोच लिया। इसके कुछ ही देर बाद रावलसिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच में जुट गई है। इस कार्रवाई से क्षेत्र के आम लोगों को यह भरोसा मिला है कि अगर वे हिम्मत करें और आवाज उठाएं, तो भ्रष्टाचार के खिलाफ भी इंसाफ मिल सकता है।