जयपुर: हाल के दिनों में आग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जयपुर पुलिस ने शहर में अवैध गैस रिफिलिंग के कारोबार पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। दक्षिण जिला पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर ऐसे सेंटर्स और गोदामों का भंडाफोड़ कर रही हैं, जहां बिना अनुमति के घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों को फिर से भरा जा रहा था। इन कार्रवाइयों के दौरान अब तक 200 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं, जबकि कई मामलों में आरोपियों पर आमजन की जान को खतरे में डालने के आरोप में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
अभियान का मकसद — आग हादसों पर नियंत्रणजयपुर (दक्षिण) पुलिस की ओर से यह विशेष अभियान दीपावली से ठीक पहले शुरू किया गया था, ताकि त्योहारी सीजन में सिलेंडर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके। डीसीपी राजर्षि राज ने बताया कि पिछले महीनों में आग के कई हादसे सामने आए, जिनमें बड़ी जनहानि की आशंका बनी रही। इसी को ध्यान में रखते हुए अवैध गैस रिफिलिंग सेंटर्स पर सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया। उनका कहना है कि तंग गलियों, रिहायशी क्षेत्रों और बाजारों में छिपे ऐसे अवैध गोदामों की पहचान कर पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
मुखबिरों से जुटाई जा रही जानकारीअभियान के तहत जिला विशेष टीम (DST) और थाना पुलिस मिलकर काम कर रही है। मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीमें तत्काल कार्रवाई कर रही हैं। कई बार रात में अचानक छापेमारी कर गोदामों से सिलेंडर और रिफिलिंग उपकरण बरामद किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, कई जगहों पर सिलेंडर रिफिलिंग के लिए बिजली मोटर, इलेक्ट्रिक कांटा और पाइपिंग सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा था, जिससे आग लगने का खतरा बेहद बढ़ जाता है।
अब तक 8 बड़ी कार्रवाइयों में बरामद हुए 200 सिलेंडरबीते 20 दिनों में दक्षिण जिला पुलिस ने आठ बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम दिया है। इन कार्रवाइयों में 200 से अधिक गैस सिलेंडर, रिफिलिंग मोटर, और अन्य अवैध उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये गैस सिलेंडर न केवल घरेलू उपयोग के थे बल्कि कुछ इंडस्ट्रियल सिलेंडर भी शामिल थे। कई जगहों पर आरोपी सिलेंडरों को वाहनों में भरकर आसपास के इलाकों में सप्लाई करते थे।
अन्य जिलों में भी शुरू हुई सख्ती
जयपुर में इस अभियान के नतीजे देखने के बाद अब अन्य जिलों की पुलिस ने भी इसी तर्ज पर कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि यदि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर सामूहिक रूप से रोक लगाई जाए तो आग हादसों की घटनाओं में काफी कमी आ सकती है।
केस 01 — झालाना डूंगरी में ऑटो में चल रही थी अवैध रिफिलिंगगांधीनगर थाने में दर्ज एक मामले में प्रवर्तन अधिकारी योगेश कुमार मिश्रा ने रिपोर्ट दी कि झालाना डूंगरी इलाके में एक कमरे के बाहर ऑटो में अवैध रूप से गैस रिफिल की जा रही थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने 9 गैस सिलेंडर, रिफिलिंग मोटर और इलेक्ट्रिक कांटा जब्त किया। आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
केस 02 — दुकान में छिपाए गए 10 घरेलू सिलेंडरदूसरा मामला मालवीय नगर थाना क्षेत्र का है, जहां प्रवर्तन अधिकारी योगेश कुमार मिश्रा ने एक दुकान में 10 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह इन सिलेंडरों से वाहनों में एलपीजी गैस भरने का काम करता था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सिलेंडर जब्त किए और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज किया।
अभियान जारी रहेगा
डीसीपी राजर्षि राज ने बताया कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए अवैध रूप से गैस रिफिलिंग करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास इस तरह की गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।