इंस्टाग्राम पर वायरल होने की चाह बनी मुसीबत, तीन महीने पुराने छेड़छाड़ वीडियो ने मनचलों को पहुंचाया जेल

राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिस ने सोशल मीडिया पर “फेमस” होने के जुनून में अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। हाल ही में एक पुराना वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें बाइक सवार कुछ युवक सड़क पर स्कूटी से जा रही एक युवती के साथ खुलेआम छेड़छाड़ करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया और राजस्थान पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रविवार को टोंक जिले के जंगलों में दबिश दी और मुख्य आरोपी सुदामा, मनराज सहित उनके दो साथी लोकेश और महेश को गिरफ्तार कर लिया। ये सभी आरोपी रील बनाने और वीडियो को वायरल करने की मंशा से जुड़े बताए जा रहे हैं।

27 दिसंबर 2025 का है यह पूरा मामला

जानकारी के अनुसार यह छेड़छाड़ की घटना 27 दिसंबर 2025 की है। उस समय आरोपियों ने कथित रूप से सड़क पर नशे की हालत में बाइक चलाते हुए स्टंटबाजी की थी। इसी दौरान एक आरोपी ने युवती के साथ बदतमीजी की घटना को अंजाम दिया, जिसे पीछे चल रहे उसके साथियों ने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस वीडियो को तुरंत सार्वजनिक नहीं किया गया, बल्कि आरोपियों ने इसे करीब तीन महीने तक अपने पास सुरक्षित रखा। बाद में सोशल मीडिया पर पहचान और लोकप्रियता पाने के लिए इसे इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया गया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया और हंगामा मच गया।
पुलिस ने वीडियो से ही शुरू की जांच, खुद ट्रेस किए आरोपी

वीडियो वायरल होते ही मामला पुलिस तक पहुंचा। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि जैसे ही यह वीडियो सामने आया, तुरंत कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। चूंकि इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई थी, इसलिए पुलिस ने सिर्फ वीडियो के आधार पर जांच शुरू की।

जांच के दौरान सामने आया कि वीडियो में एक युवक स्कूटी सवार युवती के साथ छेड़छाड़ कर रहा है, जबकि पीछे बैठे उसके साथी पूरी घटना को रिकॉर्ड कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए वीडियो में दिख रहे वाहनों के नंबर और आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहन जांच की।

टोंक के जंगलों में कई दिनों की तलाश के बाद गिरफ्तारी

तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रेसिंग के बाद पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंची। इसके बाद टोंक के जंगलों में कई दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। आखिरकार रविवार को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

इस पूरी कार्रवाई में भंवर लाल, ओम प्रकाश डोबर और साइबर टीम से जुड़े लोकेश की अहम भूमिका रही। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है ताकि पूरे नेटवर्क और घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।

पूछताछ में खुलासा—फेमस होने के लिए अपलोड किया वीडियो

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि यह घटना 27 दिसंबर की है और उस समय वे नशे की हालत में बाइक चला रहे थे। स्टंट के दौरान सुदामा ने युवती के साथ बदसलूकी की, जिसे उसके साथियों ने कैमरे में रिकॉर्ड किया था।

आरोपियों ने बताया कि उन्होंने इस वीडियो को लंबे समय तक इसलिए छिपाकर रखा ताकि सही समय पर इसे सोशल मीडिया पर डालकर ज्यादा व्यूज और लोकप्रियता हासिल की जा सके। कुछ दिनों पहले ही उन्होंने इसे इंस्टाग्राम पर अपलोड किया, जिसके बाद यह वायरल हो गया।

महिला सुरक्षा पर पुलिस का सख्त रुख

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से मनराज मीणा पहले भी मारपीट जैसे मामलों में शामिल रहा है। डीसीपी राजर्षि राज ने स्पष्ट कहा है कि जयपुर में महिला सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।