जयपुर में शनिवार देर रात दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। सुभाष चौक क्षेत्र में करीब 2 बजे अचानक एक पुराना मकान धराशायी हो गया। हादसे के वक्त घर के लोग गहरी नींद में थे और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते पूरा मकान मलबे में तब्दील हो गया और करीब 19 लोग उसमें दब गए।
बचाव कार्य में जुटीं टीमेंहादसे की जानकारी मिलते ही सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। सिविल डिफेंस के डिप्टी कंट्रोलर अमित शर्मा ने बताया कि लगातार हो रही बारिश और दीवारों में आई नमी इस दुर्घटना की बड़ी वजह बनी। मकान काफी समय से जर्जर हालत में था और भारी सीलन के कारण अचानक धराशायी हो गया। राहत दल ने समय रहते मलबे से चार लोगों को जिंदा बाहर निकाल लिया। सभी घायलों को गंभीर स्थिति में एसएमएस अस्पताल ले जाया गया है।
बंगाली प्रवासी परिवार रह रहा था घर मेंएडिशनल एसपी दुर्ग सिंह ने बताया कि जिस मकान में यह घटना हुई, उसमें पश्चिम बंगाल से आए प्रवासी मजदूर अपने परिवारों के साथ किराए पर रह रहे थे। हादसे में घायल हुए लोगों में से तीन की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
पिता-पुत्री की मौत से मातममलबे में दबे लोगों में से अधिकांश समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन दुर्भाग्य से एक पिता और उसकी मासूम बेटी की जान नहीं बच सकी। मृतकों की पहचान 45 वर्षीय प्रभात और उनकी 5 साल की बच्ची पीयू के रूप में हुई है। इस हादसे में सोनू, ऋषि, वासुदेव, सुगंधा और सुमित्रा गंभीर रूप से घायल हैं।
पूरे इलाके में गम का माहौलअचानक हुए इस हादसे ने इलाके में मातम का माहौल बना दिया है। पड़ोसी बताते हैं कि परिवार कुछ ही समय पहले इस घर में शिफ्ट हुआ था और उन्हें घर की खराब स्थिति का ज्यादा अंदाजा नहीं था। फिलहाल पुलिस और प्रशासन आगे की जांच कर रहा है तथा अन्य जिम्मेदारियों की पड़ताल की जा रही है।