कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन: ट्रैक्टर लेकर विधानसभा पहुंचे विधायक, फसल खराबे पर सरकार घिरी

जयपुर। राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की रणनीति अपना रहा है। गुरुवार को यह विरोध अलग ही रूप में दिखाई दिया, जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक ट्रैक्टर लेकर विधानसभा पहुंचे। यह प्रदर्शन प्रदेश में हुई अतिवृष्टि और फसल खराबे को लेकर था, जिसमें किसानों के लिए मुआवजा और राहत की मांग की गई।

विधानसभा परिसर में जब सुरक्षा कर्मियों ने ट्रैक्टर को भीतर जाने से रोका तो कांग्रेस विधायकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। इसके बाद विधायक हाथों में खराब फसलें उठाकर पैदल मार्च करते हुए विधानसभा के मुख्य द्वार तक पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। करीब आधे घंटे तक चले इस प्रदर्शन में विधायकों ने सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया।

जूली का वार: तानाशाही कर रही है सरकार


नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मीडिया से कहा कि ट्रैक्टर किसानों का प्रतीक है और उसे रोकना किसानों की आवाज दबाने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार तानाशाही पर उतर आई है और किसानों के दुख-दर्द को नहीं सुन रही। जूली ने कहा कि पहले भी विधायक साइकिल और ऊंटगाड़ी पर विधानसभा पहुंचे हैं, लेकिन इस बार ट्रैक्टर को रोकना लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन है।
जूली ने आगे कहा कि इस समय पूरे राजस्थान में बाजरे, मूंग, तिल और प्याज जैसी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। खेत पानी में डूबे हैं, सड़कों की हालत जर्जर है और गरीबों के मकान गिर गए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “राम राजी हो गया, भगवान ने खूब बरसात कर दी, लेकिन राज राजी नहीं है, सरकार जनता के आंसू पोंछने को तैयार नहीं।”

सरकार पर लापरवाही का आरोप

कांग्रेस विधायकों का कहना है कि अतिवृष्टि से प्रदेश में कई मौतें हो चुकी हैं, लेकिन सरकार ने अब तक किसी प्रकार की आर्थिक सहायता की घोषणा नहीं की है। जूली ने कहा कि भारत मंडपम के लिए सरकार के पास 35 करोड़ रुपए हैं, लेकिन किसानों और आम जनता के लिए राहत का बजट नहीं है। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि सरकार को जनता की तकलीफों की “एक प्रतिशत” भी चिंता नहीं है।

कांग्रेस के इस प्रदर्शन से विधानसभा में राजनीतिक माहौल और गरमाता दिखाई दिया। अब देखना होगा कि सरकार विपक्ष के इन आरोपों और किसानों के मुआवजे की मांग पर क्या रुख अपनाती है।