मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के लोकसभा में पारित होने से पहले प्रदेश की महिलाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। यह विशेष कार्यक्रम मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित किया गया, जिसमें उद्योग, शिक्षा, पुलिस विभाग, सामाजिक संगठनों और सूक्ष्म-लघु उद्योगों से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया यह अधिनियम एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय है। इसके लागू होने से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण मिलेगा, जिससे नीति निर्माण की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी और अधिक मजबूत होगी तथा वे देश के विकास में निर्णायक भूमिका निभा सकेंगी।
“महिलाएं व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाल सकती हैं”—सीएमकार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हल्के अंदाज में कहा कि कुछ लोगों के मन में यह संकोच हो सकता है कि राजनीति में महिलाओं की भूमिका बढ़ने से क्या बदलाव आएगा, लेकिन वास्तविकता यह है कि महिलाएं प्रशासन और व्यवस्था को और अधिक कुशलता से संभाल सकती हैं।
उन्होंने कहा कि जब महिलाएं घर की जिम्मेदारियों को इतने अच्छे तरीके से निभा सकती हैं, तो वे राष्ट्र के संचालन में भी उतनी ही दक्षता और समझदारी से योगदान दे सकती हैं। यह उनकी क्षमता और नेतृत्व कौशल का प्रमाण है।
महिला सशक्तिकरण योजनाओं पर भी दिया जोरमुख्यमंत्री ने उपस्थित महिलाओं को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न महिला सशक्तिकरण योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, उज्ज्वला योजना, जन-धन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं का उल्लेख किया।
इसके साथ ही राज्य सरकार की लाडो प्रोत्साहन योजना, मा वाउचर योजना, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना और दुग्ध उत्पादक संबल योजना जैसी पहलों को भी महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक उत्थान में महत्वपूर्ण बताया।
‘लखपति दीदी’ योजना पर मुख्यमंत्री की टिप्पणीमुख्यमंत्री ने ‘लखपति दीदी’ योजना का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए बताया कि राजस्थान में अब तक 16 लाख से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारियों के अनुसार इन महिलाओं में से किसी का भी खाता एनपीए नहीं है, जो उनकी वित्तीय अनुशासन और जिम्मेदारी को दर्शाता है।
उन्होंने इसे महिलाओं की बढ़ती आर्थिक शक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह साबित करता है कि महिलाएं अब देश की आर्थिक संरचना की मजबूत नींव बन रही हैं।
हर क्षेत्र में आगे बढ़ती महिलाएंमुख्यमंत्री ने कहा कि आज महिलाएं खेल, रक्षा, विज्ञान, शिक्षा, उद्यमिता और कला जैसे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए बताया कि वे जिस हेलीकॉप्टर से यात्रा करते हैं, उसकी पायलट भी एक महिला हैं।
उन्होंने कहा कि जब वे महिला पायलट को आत्मविश्वास और दक्षता के साथ हेलीकॉप्टर उड़ाते देखते हैं, तो उन्हें गर्व, संतोष और भरोसे का अनुभव होता है कि देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।