राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने शनिवार सुबह जयपुर में ऐतिहासिक Albert Hall Museum से राज्य स्तरीय स्वच्छता सप्ताह की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने खुद सड़कों पर उतरकर झाड़ू लगाई और स्वच्छता अभियान में भाग लेकर आम लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। Rajasthan Day के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत शुरू हुआ यह विशेष स्वच्छता सप्ताह 19 मार्च तक पूरे प्रदेश में विभिन्न गतिविधियों के साथ मनाया जाएगा।
विकसित राजस्थान के लिए स्वच्छता जरूरीकार्यक्रम को संबोधित करते हुए Bhajanlal Sharma ने कहा कि बीते 8 से 10 वर्षों में लोगों की सोच और आदतों में सकारात्मक बदलाव आया है और अब आम नागरिक भी स्वच्छता के महत्व को बेहतर तरीके से समझने लगे हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल सड़कों या नालियों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के व्यवहार में बदलाव लाने का प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ और ‘विकसित राजस्थान 2047’ का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब प्रदेश का हर घर, हर गली, हर सार्वजनिक स्थल और हर ऐतिहासिक धरोहर साफ-सुथरी रहे।
कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी रहे मौजूदइस राज्य स्तरीय स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम में कई प्रमुख नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष Madan Rathore, विधायक Gopal Sharma और मुख्य सचिव V. Srinivas सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। राजस्थान स्वच्छता दिवस के तहत आयोजित इस पहल के माध्यम से पूरे प्रदेश में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया। आने वाले दिनों में 19 मार्च तक राज्य के अलग-अलग जिलों में इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि राजस्थान को साफ और सुंदर बनाने के लक्ष्य को मजबूती मिल सके।
LPG की कमी की खबरों पर राठौड़ का बयानकार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष Madan Rathore ने प्रदेश में एलपीजी गैस की कमी को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों के बीच जानबूझकर भ्रम और घबराहट का माहौल बनाया जा रहा है। राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि देश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी भी तरह की कमी की स्थिति नहीं है। उनके मुताबिक, राज्य में गैस की आपूर्ति सामान्य है और विपक्ष इस मुद्दे को बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है।