महिला की मौत के बाद जनाना अस्पताल में हंगामा, 7 लोग हिरासत में; परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

भरतपुर ज़िले के जनाना अस्पताल में सोमवार देर रात तनाव का माहौल बन गया। यहां डिलीवरी के बाद एक महिला की अचानक मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि नर्सिंगकर्मियों ने उसे गलत इंजेक्शन लगाया, जिससे उसकी जान चली गई। घटना के बाद परिवार और रिश्तेदारों ने अस्पताल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को दखल देना पड़ा और सात लोगों को हिरासत में ले लिया गया।

डिलीवरी के बाद बिगड़ी तबीयत

नमक कटरा निवासी आकाश (26) ने बताया कि सोमवार शाम लगभग पांच बजे उसने अपनी पत्नी पिंकी (26) को जनाना अस्पताल में भर्ती कराया था। शाम सात बजे के करीब पिंकी ने सुरक्षित रूप से एक बच्ची को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।

रात लगभग बारह बजे अचानक पिंकी को बेचैनी और घबराहट महसूस हुई। आकाश के मुताबिक, परिजनों ने तुरंत नर्सिंग स्टाफ को इसकी जानकारी दी। इसके बाद स्टाफ ने पिंकी को इंजेक्शन लगाया। लेकिन इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई और रात करीब डेढ़ बजे उसकी मौत हो गई।

परिजनों का गुस्सा और धरना

पिंकी की मौत से गुस्साए परिवारजन और मोहल्ले के लोग अस्पताल के बाहर इकट्ठा हो गए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। इसी दौरान मौके पर मथुरा गेट थाना पुलिस भी पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश की।

लेकिन गुस्साए परिजन पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी करने लगे। हालात काबू से बाहर जाते देख पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में ले लिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिस ने महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया।
अस्पताल प्रशासन की सफाई

जनाना अस्पताल के प्रभारी शेर सिंह ने बताया कि महिला की डिलीवरी सामान्य तरीके से हुई थी। देर रात अचानक उसकी हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे कंट्रोल करने की कोशिश की। इसके बाद स्थिति गंभीर होने पर महिला को आरबीएम अस्पताल के आईसीयू में रेफर कर दिया गया। वहीं इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामले में परिवार को पहले ही समझाइश दी जा चुकी है। यदि लिखित शिकायत मिलती है तो पूरी जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पिंकी की मौत वाकई इंजेक्शन के कारण हुई या किसी अन्य मेडिकल कॉम्प्लिकेशन से। परिवार की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सज़ा मिले। दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज की तबीयत अचानक खराब हुई थी और डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की थी।