बारां में दो दिन से मूसलधार बारिश, नाहरगढ़ का जिला मुख्यालय से संपर्क टूटा, एक की मौत, एक बालक लापता

बारां ज़िले में लगातार दूसरे दिन हो रही भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के कई हिस्सों में जलभराव के हालात विकट होते जा रहे हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति नाहरगढ़ कस्बे की है, जिसका जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। बारिश से जुड़े हादसों में अब तक एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है और एक बालक पानी में बह गया है।

नाहरगढ़ कस्बा ‘टापू’ बना


नाहरगढ़ का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। बरनी नदी की पुलिया टूटने और मध्यप्रदेश के क्लोरा तालाब से बढ़े पानी के कारण कस्बे में दो से ढाई फीट पानी प्रवेश कर चुका है। पुलिस-प्रशासन मौके पर सक्रिय हैं और प्रभावित इलाकों से बिलोड़ा व मालोनी समेत कई गांवों को खाली कराया जा चुका है।

घरों में दो से ढाई फीट पानी


नाहरगढ़ थाना अधिकारी धर्मपाल यादव ने बताया कि कस्बे का संपर्क जिले से टूट गया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर ही मौजूद हैं। इसके अलावा बिलोदा, मालोनी को खाली कराया गया है। नाहरगढ़ कस्बे में भी दो से ढाई फीट पानी घरों में प्रवेश कर गया है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में क्लोरा तालाब की वजह से यह पानी आ रहा है। भंवरगढ़ से नाहरगढ़ आने वाली बरनी नदी की पुलिया टूट गई है। जलवाड़ा होकर किशनगंज जाने वाली पुलिया पर भी पानी है। इसके अलावा जलवाड़ा, ख्यावदा व बजरंग नगर वाली पुलिया भी टूट गई है।

किशनगंज एसडीएम राकेश कुमार रावत ने बांदीपुरा गांव में कैंप किया हुआ है। तहसीलदार गणेश खंगार का कहना है कि उनका नेटवर्क भी काम नहीं कर रहा है। वह बांदीपुरा में वाहन खड़ा कर ट्रैक्टर या अन्य संसाधनों की मदद से दूसरे गांव में आए हैं। उनका कहना है कि आसपास के कई गांवों में पानी भर गया है। ग्रामीणों को ऊपर के एरिया में शिफ्ट किया जा रहा है। इसी तरह से छबड़ा इलाके में पार्वती नदी का पानी पुलिया के ऊपर से बहने लगा है। इससे छबड़ा-रूठियाई का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। दूसरी तरफ छबड़ा से छीपाबड़ौद जाने वाले मार्ग भी बाधित है।
एनीकट पर नहाने गया बालक बहा

मांगरोल थाना अधिकारी महेंद्र मीणा ने बताया कि मांगरोल कस्बे के ही अमरपुरा निवासी कुछ बच्चे चौरसिया मैरिज गार्डन के पास बने बाणगंगा नदी के एनीकट पर नहाने के लिए गए थे। चार बच्चे तेज पानी के बहाव में फंस गए थे। जिनमें से तीन बाहर सुरक्षित आ गए, लेकिन एक 17 वर्षीय कुलदीप पुत्र निहाल सिंह राजपूत बाहर नहीं आ पाया है। वह नदी के बहाव के साथ ही बह गया। उसकी तलाश करवाई जा रही है।

खेत से घर जाते समय नाले में डूबा


केलवाड़ा थाना क्षेत्र के खटका के निकट कमलावदा में नाले को पार करते हुए पानी में बहने से कमलावदा निवासी कमल भील पुत्र बद्री भील की मौत हो गई। केलवाड़ा थाना अधिकारी मानसिंह के अनुसार वह शाम 4 बजे अपने खेत से लौट रहा था। सूचना पर नायब तहसीलदार, पुलिस-प्रशासन व मेडिकल टीम पहुंची। लेकिन तेज बहाव आने से नाले के पानी का उतरने का इंतजार करते रहे। इसके बाद देर शाम को मृतक को ट्रैक्टर ट्राली से नदी पार लाया गया। पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को शव सौंप दिया है।