150000 रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया तहसीलदार, कुल डील 3.5 लाख रुपये की थी

राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) लगातार घूसखोर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। एसीबी की टीम ने अलवर जिले में एक रिश्वतखोर तहसीलदार और उसके दलाल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर, मंगलवार (17 मार्च) को एसीबी चौकी अलवर प्रथम की टीम ने गोविन्दगढ़ तहसील में पदस्थ तहसीलदार बसन्त कुमार परसोया को 1.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। इस मामले में आरोपी दलाल रवि उर्फ रिंकू और फार्म हाउस मालिक गौरव गुलाटी भी शामिल थे।

जमीन के कागजात को लेकर उत्पन्न विवाद


जानकारी के अनुसार, परिवादी ने अपनी मौसी (ताईजी) की जमीन के हिस्से को अपने नाम करने के लिए तहसील गोविन्दगढ़ में आवेदन किया था। पहले पटवारी और ग्राम पंचायत चिडवाई के सरपंच ने वसीयत के आधार पर रजिस्टर्ड नहीं होने की वजह से जमीन का ट्रांसफर बबली के नाम कर दिया था। इसके बाद परिवादी ने उप-खंड अधिकारी गोविन्दगढ़ से अपील की। 3 दिसंबर 2025 को उप-खंड अधिकारी ने तहसीलदार बसन्त परसोया को आदेश जारी कर परिवादी के हक में जमीन चढ़ाने का निर्देश दिया।
रिश्वत की मांग 5 लाख रुपये तक पहुंची

आदेश के पालन में जब परिवादी ने तहसीलदार के सामने जमीन के कागजात पेश किए, तो तहसीलदार ने फाइल अपने पास रख ली और सुनवाई शुरू कर दी। इसके बाद तहसीलदार ने दलाल रवि उर्फ रिंकू के माध्यम से 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर परिवादी को परेशान किया। सत्यापन के दौरान, 13 मार्च 2026 को आरोपी तहसीलदार और उसके दलाल ने परिवादी से 3.5 लाख रुपये की पहली किस्त मांगने की पुष्टि की।

कार्रवाई और गिरफ्तारी

एसीबी के उप महानिरीक्षक अनिल कयाल के सुपरविजन में, एसीबी चौकी अलवर प्रथम के प्रभारी शब्बीर खान, उप अधीक्षक पुलिस ने ट्रैप कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान बसन्त परसोया को 1.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी तहसीलदार को तुरंत तहसील कार्यालय गोविन्दगढ़ से हिरासत में लिया गया।