राजस्थान की राजधानी जयपुर में सीवर मैनहोल की सफाई के दौरान हुए भीषण हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। इस दुर्घटना में दो सफाईकर्मियों अजय और रामबाबू की जान चली गई थी, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए थे। घटना से आक्रोशित सफाईकर्मियों ने कार्य का बहिष्कार शुरू कर दिया था, जिससे पूरे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई। स्थिति बिगड़ती देख अब संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ, जयपुर शहर वाल्मीकि पंच कमेटी और नगर निगम प्रशासन के बीच कई दौर की बातचीत के बाद आखिरकार सहमति बन गई है।
परिजनों को 55-55 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का निर्णयसमझौते के तहत मृतक सफाईकर्मियों के परिवारों को कुल 55 लाख 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी है। यह राशि अजय की माता छोटी देवी और रामबाबू की पत्नी पूनम देवी को प्रदान की जाएगी। इस मुआवजे की व्यवस्था विभिन्न स्रोतों से की गई है, जिसमें स्वायत्त शासन विभाग की ओर से 30 लाख रुपये, नगर निगम जयपुर से 10 लाख रुपये, ठेकेदार द्वारा 10 लाख रुपये, मुख्यमंत्री सहायता कोष से 5 लाख रुपये तथा विधायक गोपाल शर्मा की ओर से 25 हजार रुपये शामिल हैं।
किस्तों में होगा भुगतान, तुरंत मिली पहली सहायता राशिप्रशासन ने मुआवजा वितरण को चरणबद्ध और पारदर्शी तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है। समझौता होते ही दोनों परिवारों को तत्काल पांच-पांच लाख रुपये की पहली किस्त प्रदान की गई। इसके बाद 18 अप्रैल को अतिरिक्त 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं, आने वाले सोमवार को नगर निगम की ओर से 10-10 लाख रुपये की राशि जारी की जाएगी। शेष भुगतान भी जल्द ही पूरा करने का आश्वासन प्रशासन की ओर से दिया गया है ताकि परिवारों को किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्थायी राहत के तौर पर नौकरी और डेयरी बूथ की सुविधासरकार और नगर निगम ने केवल आर्थिक सहायता तक ही सीमित न रहते हुए स्थायी आजीविका की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है। इसके तहत दोनों मृतकों के एक-एक आश्रित को संविदा आधार पर नौकरी देने पर सहमति बनी है। जैसे ही आवश्यक दस्तावेज पूरे होंगे, नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही दोनों परिवारों को आय के स्थायी साधन के रूप में एक-एक डेयरी बूथ भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को दीर्घकालिक सहारा मिल सके।
हड़ताल समाप्त, शहर की सफाई व्यवस्था फिर से सामान्य होने की उम्मीदप्रशासन के सकारात्मक रुख और समझौते के बाद सफाईकर्मी संगठनों ने संतोष व्यक्त करते हुए अपनी हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही शहर में चल रहा सफाई कार्य का बहिष्कार भी समाप्त कर दिया गया है। यूनियन नेताओं ने सभी कर्मचारियों से अपील की है कि वे 18 अप्रैल को नगर निगम द्वारा चलाए जाने वाले विशेष सफाई अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें, ताकि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लाया जा सके।