अजमेर में जली स्कॉर्पियो का राज खुला, पूर्व सरपंच समेत 4 लोगों की हत्या; बेटे ने मां-बहन संग रची थी खौफनाक साजिश

राजस्थान के अजमेर जिले में गुरुवार सुबह सामने आई जली हुई स्कॉर्पियो और उसमें मिले चार शवों की घटना ने पूरे प्रदेश को हिला दिया। शुरुआत में इसे सड़क हादसा माना जा रहा था, लेकिन कुछ ही घंटों में पुलिस जांच ने इस मामले को एक दिल दहला देने वाले पारिवारिक हत्याकांड में बदल दिया। जांच में सामने आया कि इस वारदात के पीछे कोई बाहरी दुश्मन नहीं, बल्कि मृतक पूर्व सरपंच का ही 17 वर्षीय बेटा था, जिसने अपनी मां और बहन के साथ मिलकर पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रची।

यह घटना अजमेर जिले के बोराड़ा थाना इलाके के अराई रोड की है। जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के नेतृत्व में गठित विशेष टीमों ने तकनीकी जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कुछ ही घंटों में इस सनसनीखेज केस की परतें खोल दीं। पुलिस ने मृतक की पहली पत्नी सुनीता, उसकी बेटी और नाबालिग बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

दो शादियों के बाद घर में बढ़ता गया तनाव

पुलिस के मुताबिक इस सामूहिक हत्या की जड़ पारिवारिक विवाद और वर्षों से चली आ रही कड़वाहट थी। मृतक रामसिंह चौधरी श्रीरामपुरा गांव के रहने वाले थे और कांग्रेस से जुड़े पूर्व सरपंच थे। उनकी मां पूसी देवी भी पहले सरपंच रह चुकी थीं।

रामसिंह ने साल 2005 में सुनीता चौधरी से विवाह किया था। दोनों के एक बेटा और एक बेटी हैं। बाद में वर्ष 2019 में उन्होंने सुनीता की इच्छा के खिलाफ सुरज्ञान नाम की महिला से प्रेम विवाह कर लिया। सुरज्ञान जिला परिषद सदस्य रह चुकी थीं और कानून की पढ़ाई कर रही थीं। दूसरी शादी के बाद परिवार में तनाव बढ़ने लगा और पहली पत्नी तथा उसके बच्चों को उपेक्षित महसूस होने लगा। धीरे-धीरे घर का माहौल विवाद, झगड़े और मानसिक तनाव से भर गया।
“पिता रोज प्रताड़ित करता था”, बेटे ने पुलिस को बताई वजह

पुलिस पूछताछ में नाबालिग आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि उसका पिता शराब पीने के बाद घर में मारपीट करता था। आरोपी के अनुसार उसकी मां, बहन और उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता था।

उसने पुलिस को बताया कि उसकी मां को अपमानित किया जाता था, घर के सारे काम उसी से करवाए जाते थे और कई बार उसे बेहद अमानवीय तरीके से पीटा जाता था। लगातार हो रही प्रताड़ना की वजह से उसके मन में पिता के प्रति गहरी नफरत पैदा हो गई थी। आरोपी ने कबूल किया कि वह पहले भी कई बार अपनी मां से कह चुका था कि एक दिन वह अपने पिता को मार डालेगा।

ऑनलाइन मंगवाया चाकू, फिर रात में कर दी हत्या

जांच में सामने आया कि आरोपी बेटे ने हत्या की तैयारी काफी पहले से शुरू कर दी थी। उसने ऑनलाइन चाकू मंगवाया और मौके की तलाश में था। पुलिस के अनुसार 27 मई को भी घर में रामसिंह और सुनीता के बीच जोरदार झगड़ा हुआ था। उसी दौरान बेटे ने पिता को जान से मारने की धमकी दी थी।

रात में जब रामसिंह शराब के नशे में सो गए, तब आरोपी बेटे ने उन पर हमला कर दिया। उसने सोते समय धारदार चाकू से पिता का गला काट दिया।

सौतेली मां ने देख लिया तो उसे भी मार डाला

पुलिस के मुताबिक हत्या के दौरान दूसरी पत्नी सुरज्ञान जाग गई और उसने आरोपी को देख लिया। राज खुलने के डर से आरोपी ने उसकी भी हत्या कर दी। इसी दौरान शोर सुनकर दादी पूसी देवी और रिश्ते में बहन लगने वाली महिमा मौके पर पहुंचीं।

इसके बाद आरोपी बेटे ने अपनी मां और बहन के साथ मिलकर उन दोनों पर भी हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार चारों लोगों पर धारदार और भारी हथियारों से बेरहमी से वार किए गए। किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

शवों को कार में डालकर जलाने की बनाई योजना

हत्या के बाद आरोपियों ने पूरी घटना को हादसा दिखाने की साजिश रची। पुलिस जांच में सामने आया कि घर में खड़े ट्रैक्टर से डीजल निकाला गया। इसके बाद चारों शवों को घसीटकर स्कॉर्पियो में रखा गया और घर से करीब 500 मीटर दूर अराई रोड पर ले जाकर गाड़ी में आग लगा दी गई।

पुलिस के अनुसार आग लगाने के लिए मृतक रामसिंह की सिगरेट वाली माचिस का इस्तेमाल किया गया। घटना के बाद आरोपी घर लौट आए और पानी व केमिकल की मदद से फर्श और दीवारों पर लगे खून के निशान मिटाने की कोशिश की।

पांच अहम सुरागों ने खोल दी पूरी साजिश

शुरुआत में परिवार की ओर से पुलिस को बताया गया कि दादी की तबीयत खराब थी और उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान कार में शॉर्ट सर्किट हुआ और हादसा हो गया। लेकिन फॉरेंसिक और मोबाइल ऑपरेशन ब्रांच की जांच ने कहानी की सच्चाई सामने ला दी।

पहला सुराग स्कॉर्पियो की फोल्ड मिली पिछली सीटें थीं। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि लोग सामान्य रूप से सफर कर रहे होते तो सीटें इस हालत में नहीं होतीं। इससे स्पष्ट हुआ कि शवों को सामान की तरह रखा गया था।

दूसरा बड़ा सुराग दूसरी पत्नी सुरज्ञान का शव था, जो कार से बाहर खेत में मिला। उसका गला कटा हुआ था और आसपास खून फैला था, जबकि गाड़ी में ड्राइविंग सीट पर कोई मौजूद नहीं था।

तीसरा सुराग घर के भीतर मिला खून था। केमिकल से सफाई के बावजूद पुलिस को दीवारों और फर्श पर खून के निशान मिले। मौके से खून लगी ईंटें और माचिस भी बरामद हुई।

चौथा अहम संकेत ट्रैक्टर की टंकी से निकाला गया डीजल था, जिसका इस्तेमाल गाड़ी जलाने में किया गया।

पांचवां और सबसे अहम सुराग यह था कि जिस रास्ते से अस्पताल जाना था, गाड़ी वहां नहीं मिली बल्कि दूसरी दिशा में अराई रोड पर खड़ी मिली। इसके अलावा सुनीता के हाथ पर ताजा कट के निशान भी पाए गए, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया।

पहले भी पिता को मारने की कोशिश कर चुका था बेटा

पूछताछ में आरोपी बेटे ने यह भी स्वीकार किया कि वह पहले भी कई बार अपने पिता की हत्या करने की कोशिश कर चुका था। उसने खाने में जहर मिलाने और माइंस इलाके में पहाड़ी से धक्का देने जैसी कोशिशें की थीं, लेकिन हर बार असफल रहा।

आखिरकार उसने पूरी योजना बनाकर ऑनलाइन हथियार मंगवाया और इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश में किसकी क्या भूमिका थी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।