झुंझुनूं की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) टीम ने मंगलवार को जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के स्टेनोग्राफर नीरज कुमार को 2,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (PMEGP) के तहत ऋण मंजूरी के लिए परिवादी से लगातार पैसे की मांग कर रहा था। एसीबी के अनुसार, नीरज कुमार ने लोन की फाइल आगे बढ़ाने के बहाने से परिवादी को परेशान किया।
लोन फाइल आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत की मांगजिला उद्योग विभाग में परिवादी ने 5 लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि स्टेनोग्राफर नीरज कुमार ने फाइल आगे बढ़ाने और ऋण अप्रूवल के बदले 2,500 रुपये रिश्वत की मांग कर परिवादी को मानसिक दबाव में रखा। परेशान होकर परिवादी ने सीधे एसीबी झुंझुनूं चौकी में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद 16 मार्च 2026 को एसीबी टीम ने गोपनीय सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई।
ACB ने की रंगे हाथ कार्रवाईजयपुर रेंज के उप महानिरीक्षक अनिल कयाल के निर्देश पर एसीबी टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। मंगलवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार पूनियां के सुपरविजन में, पुलिस निरीक्षक सुरेश चंद के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी नीरज कुमार ने परिवादी से 2,500 रुपये की रिश्वत ली, टीम ने तुरंत कार्रवाई कर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार के बाद आरोपी से पूछताछ जारी है।
आरोपी के घर पर भी हुई छापेमारीएसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। टीम ने आरोपी के सीकर स्थित आवास पर भी सर्च अभियान चलाया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार पूनियां ने कहा, “यह कार्रवाई आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी रिश्वत के दिलाने के उद्देश्य से की गई है। हमारा मकसद भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करना है।”