ACB की बड़ी कार्रवाई: 1 लाख की डील तय, 80 हजार लेते ही जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट गिरफ्तार

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मंगलवार (17 फरवरी) को व्यापक स्तर पर कार्रवाई की। जल जीवन मिशन से जुड़े कथित 900 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर एजेंसी ने एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी। इस अभियान के तहत सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल समेत चार राज्यों में फैले 15 ठिकानों पर छापेमारी की गई और 9 लोगों को हिरासत में लिया गया। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई।

इसी क्रम में एसीबी की टीम ने सिरोही जिले में भी एक अलग ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। यहां पंचायत समिति रेवदर में कार्यरत कनिष्ठ तकनीकी सहायक (संविदाकर्मी) दिनेश कुमार वैष्णव को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोपी को परिवादी से 80 हजार रुपये स्वीकार करते समय गिरफ्तार किया गया।
कैटल शेड की तकनीकी स्वीकृति के नाम पर मांग

एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसकी ग्राम पंचायत में प्रस्तावित 10 कैटल शेड निर्माण कार्यों की तकनीकी स्वीकृति जारी करने के बदले आरोपी अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। प्रारंभिक शिकायत में प्रति कैटल शेड 10 हजार रुपये की दर से कुल 1 लाख रुपये मांगने की बात सामने आई थी।

11 फरवरी को शिकायत का सत्यापन किया गया। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी तकनीकी स्वीकृति देने के एवज में प्रति कैटल शेड 8 हजार रुपये, यानी कुल 80 हजार रुपये लेने पर सहमत हुआ था। सत्यापन के बाद विशेष अनुसंधान इकाई ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया।

जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी

एसीबी की टीम ने पूरी तैयारी के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को शिकायतकर्ता से 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और संबंधित दस्तावेजों की जांच भी जारी है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस प्रकरण में अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी संलिप्त हैं।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि मामले में विधि अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, जल जीवन मिशन से जुड़े व्यापक घोटाले की जांच भी समानांतर रूप से जारी है। एसीबी की इस सख्ती को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।