शिवसेना UBT प्रमुख उद्धव ठाकरे ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। ऑपरेशन टाइगर पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि शेर का ऑपरेशन करने वाला अभी कोई पैदा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जब वे शेर के बाघ निकालेंगे तो संबंधित लोग भाग जाएंगे।
उद्धव ठाकरे ने नवरात्रि के दौरान गरबा कार्यक्रमों में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाने और हिंदुओं से टीका लगाकर आने की विश्व हिंदू परिषद (VHP) की मांग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने इन मांगों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि लोग पहले से त्योहार मनाते आ रहे हैं तथा अब नई-नई मांगें सामने आ रही हैं।
गरबा को लेकर VHP की मांग पर निशानाउद्धव ठाकरे ने कहा कि त्योहारों को लेकर इस तरह की मांगें करने वाले लोग पहले नहीं थे, जबकि हिंदू लंबे समय से अपने त्योहार मनाते रहे हैं। उन्होंने VHP की मांगों को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा, “ये सब गोमूत्रधारी हिंदू हैं।” उन्होंने आगे कहा कि यही उनका हिंदुत्व है।
ठाकरे ने त्योहारों के दौरान सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आशंका जताई कि त्योहारों से पहले दंगा भड़काने की साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि गणपति से पहले दो हादसे हो चुके हैं। उनके मुताबिक, मुंबई जैसे शहर में बाहर से कोई व्यक्ति आकर गलत हरकत कर सकता है और उसके जाने के बाद भी किसी को इसकी जानकारी नहीं होती। उन्होंने सवाल किया कि सरकार इस दिशा में कोई कदम क्यों नहीं उठाती।
राष्ट्रीय पुरस्कार गुजरात ले जाने पर सवालराष्ट्रीय पुरस्कारों को दिल्ली से गुजरात में शिफ्ट किए जाने को लेकर भी उद्धव ठाकरे ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता क्या देश के शहर नहीं हैं। उन्होंने गुजरात और देश के बीच दीवार खड़ी किए जाने की बात कहते हुए आरोप लगाया कि इस फैसले के पीछे राजनीति की जा रही है।
UBT पार्षदों की सदस्यता पर उठाए सवालउद्धव ठाकरे ने शिवसेना UBT के पार्षदों के जाति प्रमाणपत्र से जुड़े मामलों को लेकर भी आरोप लगाए। उनका कहना था कि जाति प्रमाणपत्र के नाम पर उनके पार्षदों के पद रद्द किए जा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि 16 लोगों ने शिंदे गुट के खिलाफ याचिकाएं दाखिल की हैं और उन याचिकाओं पर फैसले हो रहे हैं। ठाकरे ने सवाल उठाया कि शिवसेना UBT की ओर से शिंदे गुट के खिलाफ दायर याचिकाओं पर फैसले क्यों नहीं हो रहे हैं। उन्होंने इसे लेकर भेदभाव का सवाल उठाया।
दिल्ली बिल्डिंग हादसे को लेकर सरकार पर हमलादिल्ली में इमारत गिरने से हुई मौतों को लेकर भी उद्धव ठाकरे ने सरकार को घेरा। उन्होंने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि जब वहां बीजेपी की सरकार है तो इस तरह के हादसे क्यों हो रहे हैं।
उन्होंने जर्जर इमारतों को लेकर निरीक्षण और रिकॉर्ड की व्यवस्था पर भी सवाल किए। ठाकरे ने पूछा कि क्या ऐसी इमारतों का निरीक्षण नहीं किया गया था, क्या उनकी सूची तैयार नहीं की गई थी और समय रहते कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की मांग की।