पाली के वस्त्र उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार, भजनलाल शर्मा ने उद्योग और रोजगार को लेकर गिनाईं सरकार की योजनाएं

पाली में आयोजित उद्यमी सम्मेलन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि छोटे और लघु उद्योग भले ही आकार में छोटे हों, लेकिन रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि गांवों, ढाणियों और कस्बों में रहने वाले युवाओं, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों को उनके आसपास ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सूक्ष्म और लघु उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

लघु उद्योग भारती की ओर से आयोजित सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से राजस्थान में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों और कृषि उत्पादों पर आधारित प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उद्योगों के लिए जरूरी जमीन, पानी और बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के औद्योगिक विकास में पानी और बिजली की उपलब्धता को महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। उनके मुताबिक पिछले ढाई वर्षों में रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, नर्मदा जल समझौता और किशाऊ बहुद्देशीय परियोजना जैसे जल समझौतों के माध्यम से प्रदेश में पानी की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में काम हुआ है। गंगनहर और सोम-कमला-अंबा सहित अन्य परियोजनाओं के जरिए भी सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की बात उन्होंने कही।

बिजली के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रगति का दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 तक राजस्थान के सभी जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

निवेश और एमएसएमई को लेकर सरकार का फोकस


मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि उद्योग सिर्फ पूंजी के आधार पर आगे नहीं बढ़ता, बल्कि उद्यमियों की मेहनत, प्रतिभा और निरंतर प्रयास भी उसकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेश, व्यापार और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री के अनुसार राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर जमीन पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि रीको की ओर से 3 हजार से अधिक एमओयू धारकों को भूमि आवंटित की जा चुकी है, जबकि 800 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों में निर्माण कार्य चल रहा है।

उन्होंने कहा कि लघु, मध्यम और सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए भी राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है। पंच गौरव के माध्यम से प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, राज उद्योग मित्र और राज निवेश पोर्टल के जरिए सिंगल विंडो व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की बात कही गई।

मुख्यमंत्री ने राजस्थान एमएसएमई नीति-2024 और राजस्थान एकीकृत क्लस्टर विकास योजना के तहत करोड़ों रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने की जानकारी भी दी।

नई औद्योगिक नीतियों से अवसर बढ़ाने का दावा

भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार और उद्यमियों के साझा प्रयासों से राजस्थान को औद्योगिक क्षेत्र में आगे ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 और एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी-2026 को मंजूरी दिए जाने का उल्लेख किया।

इसके अलावा लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025, इंडस्ट्रियल पार्क पॉलिसी-2025 और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी-2026 का भी जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नीतियों से प्रदेश में औद्योगिक विकास के नए अवसर तैयार हुए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से कुल 37 नई नीतियां जारी की गई हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक इन प्रयासों का उद्देश्य प्रदेश में कारोबार को आसान बनाना और निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है।
जोधपुर-पाली-मारवाड़ क्षेत्र को औद्योगिक हब बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र को राजस्थान के औद्योगिक विकास के विजन का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि इसके फेज-ए में 641 हेक्टेयर भूमि पर आधारभूत ढांचे और बिजली से जुड़े कार्यों के लिए 370 करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि इस औद्योगिक क्षेत्र को देश के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जाएगा। पाली के प्रमुख वस्त्र उद्योग को गति देने के लिए राजस्थान टेक्सटाइल एंड अपैरल पॉलिसी-2025 लागू किए जाने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी।

कारीगरों को पीएम विश्वकर्मा योजना में अतिरिक्त राहत

मुख्यमंत्री ने पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से पारंपरिक शिल्पकारों को आधुनिक प्रशिक्षण, टूलकिट और आसान वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

राज्य सरकार ने कारीगरों को मिलने वाले रियायती ऋण पर 2 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के जरिए युवाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों से हजारों युवाओं को नौकरी तलाशने वाले के बजाय रोजगार देने वाला बनने का अवसर मिल रहा है।

महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने लघु उद्योग भारती के काम का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण, स्वावलंबन और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में भी काम कर रहा है।

उन्होंने बताया कि चूड़ी पर नगीने लगाने, मिट्टी के कुल्हड़ बनाने की मशीनें उपलब्ध कराने, सिलाई प्रशिक्षण, मेहंदी और ब्यूटी पार्लर जैसे कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए बड़ी संख्या में महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ने का काम किया गया है।

स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील

सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार लघु, कुटीर और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि उद्यमियों के लिए जमीन, बिजली और पानी जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर सरकार काम कर रही है।

मदन राठौड़ ने आम लोगों से स्थानीय उत्पादों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की अपील की। उनके अनुसार इससे आत्मनिर्भर भारत और विकसित राजस्थान के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘उद्योग टाइम्स’ पुस्तिका और ‘स्वयंसिद्धा’ पोस्टर का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में सांसद पी.पी. चौधरी, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाशचन्द गुप्ता समेत संगठन के अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में उद्यमी मौजूद रहे।