राहुल गांधी रांची क्यों नहीं गए? संजय निरुपम ने कांग्रेस के रुख पर उठाए सवाल

झारखंड में परीक्षा अनियमितताओं और कथित पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी बीच कांग्रेस उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करने की तैयारी में है, जिसमें कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के शामिल होने की चर्चा है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद संजय निरुपम ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब झारखंड में छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं तो राहुल गांधी वहां जाने के बजाय प्रयागराज में प्रदर्शन का नेतृत्व क्यों कर रहे हैं।

रांची की जगह प्रयागराज जाने पर उठाए सवाल

संजय निरुपम ने कहा कि झारखंड की राजधानी रांची में पिछले दो सप्ताह से बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरकर पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना था कि इनमें बड़ी संख्या में गरीब और आदिवासी परिवारों के छात्र शामिल हैं, जो लगातार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस गंभीर मुद्दे पर झारखंड में छात्रों के बीच जाने के बजाय प्रयागराज में आंदोलन आयोजित कर रही है। निरुपम ने कहा कि यदि राहुल गांधी वास्तव में छात्रों के मुद्दों को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें दिल्ली से प्रयागराज जाने के बजाय सीधे रांची पहुंचकर आंदोलनरत छात्रों का समर्थन करना चाहिए था।

कांग्रेस के रवैये को बताया दोहरा मापदंड


कांग्रेस पर निशाना साधते हुए संजय निरुपम ने कहा कि पार्टी का व्यवहार पूरी तरह विरोधाभासी नजर आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां छात्रों के आंदोलन पर पार्टी चुप्पी साध लेती है, जबकि अन्य राज्यों में वही मुद्दा उठाकर राजनीतिक प्रदर्शन करती है।

उन्होंने कहा कि यदि झारखंड में छात्र न्याय की मांग कर रहे हैं तो कांग्रेस को वहां भी उतनी ही सक्रियता दिखानी चाहिए, जितनी वह दूसरे राज्यों में दिखाती है। उनके मुताबिक यह चयनात्मक राजनीति दर्शाती है कि पार्टी अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग मापदंड अपनाती है। निरुपम ने कहा कि ऐसी राजनीति जनता के बीच गलत संदेश देती है और इससे कांग्रेस की सोच पर सवाल खड़े होते हैं।
छात्रों ने दोहराई परीक्षाएं रद्द करने की मांग

उधर, झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों ने अपनी मांगों को फिर दोहराया है। छात्र नेता मनोज यादव ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सभी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल सकता।

उन्होंने कहा कि छात्र लंबे समय से पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। आंदोलन का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन करना नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना है।

राहुल गांधी और अखिलेश यादव से समर्थन की अपील


मनोज यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी झारखंड आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने पहले विभिन्न छात्र आंदोलनों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर छात्रों का समर्थन किया है, इसलिए झारखंड के आंदोलन को भी उसी गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिस तरह दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलनों और प्रधानमंत्री आवास के बाहर आयोजित प्रदर्शनों में दोनों नेताओं ने हिस्सा लिया था, उसी तरह उन्हें झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों के बीच भी पहुंचना चाहिए। उनका कहना है कि इससे आंदोलन कर रहे युवाओं का मनोबल बढ़ेगा और उनकी आवाज राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती से उठ सकेगी।