पुणे में स्वयंभू बाबा पर बड़ा शिकंजा, 25 साल तक ‘दैवी शक्ति’ के नाम पर शोषण का आरोप; आश्रम से सुरंग भी मिली

महाराष्ट्र के पुणे में पुलिस ने एक कथित स्वयंभू बाबा और उसके सहयोगियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार मुख्य आरोपी राधामोहन मिश्रा पर आरोप है कि उसने खुद को ईश्वर का अवतार और अलौकिक शक्तियों का स्वामी बताकर वर्षों तक लोगों को अपने प्रभाव में रखा। पुलिस का कहना है कि आरोपी धार्मिक आस्था और भय का सहारा लेकर अनुयायियों पर मानसिक नियंत्रण स्थापित करता था। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र के अंधविश्वास विरोधी कानून की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। कार्रवाई की शुरुआत एक महिला पीड़िता की शिकायत के बाद हुई।

‘दैवी ज्ञान’ का दावा कर अनुयायियों पर बनाता था दबाव

पुलिस जांच के मुताबिक, वर्ष 2001 से 2026 के बीच आरोपी ने कथित तौर पर पीड़िता और उसके परिवार को मानसिक, भावनात्मक और आर्थिक रूप से प्रभावित किया। आरोप है कि आरोपी और उसके सहयोगी “मॉडर्न गुरुकुल” नामक आश्रम का संचालन करते थे, जहां आने वाले लोगों को धार्मिक विश्वास और डर के जरिए नियंत्रित किया जाता था।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपने अनुयायियों से कहता था कि उसे उनके जीवन की हर बात पहले से पता है। वह लोगों को अपने सामने निजी स्वीकारोक्ति (कन्फेशन) करने के लिए प्रेरित करता था और इसी प्रक्रिया के माध्यम से उन पर प्रभाव बनाए रखता था। पुलिस को संदेह है कि इस तरीके का इस्तेमाल लोगों को परिवार और समाज से अलग-थलग करने तथा उन पर मानसिक दबाव बनाने के लिए किया जाता था।

महिला ने लगाए गंभीर उत्पीड़न और शोषण के आरोप


indiatv की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की जांच के दौरान पीड़िता ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2009 से 2026 के बीच उसके साथ कई बार मारपीट, अपमानजनक व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना की गई। इसके अलावा आरोपी और उसके कुछ सहयोगियों पर यौन शोषण से जुड़े गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन आरोपों की विस्तृत जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या अन्य लोगों को भी इसी तरह प्रताड़ित किया गया था।
छापेमारी में मिले डिजिटल रिकॉर्ड और संदिग्ध सामान

आश्रम परिसर में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक और अन्य सामग्री बरामद हुई। जब्त सामान में 8 लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, 19 हार्ड डिस्क, 29 ऑडियो-वीडियो कैसेट, 23 पेन ड्राइव और 10 जिंदा कारतूस शामिल हैं।

इसके अलावा बड़ी संख्या में दवाइयां भी बरामद हुई हैं, जिनके इस्तेमाल और उद्देश्य को लेकर जांच जारी है। पुलिस इन डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि आश्रम की गतिविधियों और संभावित पीड़ितों के बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा सके।

आश्रम में सुरंग मिलने से बढ़ी जांच की गंभीरता

कार्रवाई के दौरान पुलिस को आश्रम परिसर में एक सुरंग भी मिली, जिसने पूरे मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया है। फिलहाल अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सुरंग का निर्माण किस उद्देश्य से किया गया था और उसका इस्तेमाल किन गतिविधियों में होता था।

जांच टीम सुरंग से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। साथ ही आश्रम के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कर संभावित सबूत जुटाए जा रहे हैं।

CCTV तोड़कर निकली महिला, फिर पहुंची पुलिस के पास

सूत्रों के अनुसार, आश्रम में करीब 25 से 30 लोग विभिन्न जिम्मेदारियों के साथ कार्यरत थे। परिसर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।

बताया जा रहा है कि लंबे समय तक कथित शोषण और दबाव का सामना करने के बाद पीड़िता ने वहां से निकलने का साहस जुटाया। आरोप है कि उसने निगरानी व्यवस्था को निष्क्रिय करने के लिए कुछ सीसीटीवी कैमरे क्षतिग्रस्त किए और फिर वहां से निकलकर पुलिस के पास पहुंची। इसके बाद उसने पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।

दो पुरुष और छह महिलाएं गिरफ्तार, जांच जारी

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त तेजस्वी सातपुते ने बताया कि शिकायत मिलते ही तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। अब तक दो पुरुषों और छह महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के ठिकानों से नकदी, आभूषण और कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी बरामद हुए हैं। शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि यह गतिविधियां लंबे समय से संचालित की जा रही थीं और कथित तौर पर एक संगठित तंत्र के जरिए लोगों को प्रभावित एवं नियंत्रित किया जाता था।

अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य संभावित पीड़ित भी सामने आ सकते हैं। फिलहाल आश्रम के बड़े हिस्से को सील कर दिया गया है और पूरे नेटवर्क के साथ-साथ इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है।