महाराष्ट्र के परभणी जिले से शनिवार को एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई। मानवत तालुका स्थित यशवाड़ी देवस्थान संस्थान मंदिर परिसर में निर्माणाधीन सभागार का एक विशाल पिलर अचानक गिर पड़ा। हादसे के समय मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य श्रद्धालुओं के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि यशवाड़ी देवस्थान में हर शनिवार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। जिले के विभिन्न हिस्सों से लोग यहां दर्शन, पूजा-पाठ, कीर्तन और महाप्रसाद में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं। शनिवार होने के कारण आज भी मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में भक्त मौजूद थे। इसी बीच मुख्य मंदिर के सामने बन रहे सभागार का एक पिलर अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे वहां मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिलर गिरते ही आसपास मौजूद श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए। प्रारंभिक रिपोर्टों में 30 से अधिक लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका व्यक्त की गई है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन को इसकी सूचना दी गई।
घटना की जानकारी मिलते ही मानवत पुलिस हरकत में आ गई। सहायक पुलिस निरीक्षक शिंदे अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कराया। पुलिस, प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवक मिलकर मलबा हटाने के काम में जुटे हुए हैं ताकि फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
घटनास्थल पर कई एम्बुलेंस भी तैनात की गई हैं और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। गंभीर रूप से घायल लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भेजने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मलबा हटाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए हैं और नुकसान का वास्तविक आंकड़ा क्या है।