MPSC पेपर लीक केस में 270 पेज की WhatsApp चैट से मिले अहम सुराग, 5 लाख रुपये की डील का भी जिक्र

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी) भर्ती परीक्षा 2026 से जुड़े कथित पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को डिजिटल चैट के रूप में अहम सुराग मिला है। क्राइम ब्रांच को आरोपी लोकेश उर्फ गौरव पाटिल के मोबाइल फोन से रितुजा पाटिल और गौरव के बीच हुई करीब 270 पेज की WhatsApp बातचीत मिली है। एजेंसी अब इस चैट में सामने आए दावों और बातचीत के आधार पर कथित पेपर लीक के नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

जांच के मुताबिक, रितुजा पाटिल का मोबाइल फोन उल्हास नदी में फेंक दिया गया था। इसके चलते उसके फोन से सीधे डिजिटल सबूत हासिल करना मुश्किल हो गया। ऐसे में गौरव पाटिल के मोबाइल में सुरक्षित WhatsApp चैट जांच के लिए महत्वपूर्ण हो गई है।

परीक्षा से पहले सवालों को लेकर हुई बातचीत

क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आई बातचीत के मुताबिक, 20 मार्च 2026 को रितुजा ने कथित तौर पर एक क्वेश्चन सेट को लेकर चर्चा की थी। चैट में दावा किया गया था कि इस सेट में मौजूद कुछ सवाल 22 मार्च को होने वाली MPSC परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।

बातचीत में कथित तौर पर 10 सवालों को जानबूझकर गलत तरीके से हल करने की बात भी कही गई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, बाद की बातचीत में रितुजा ने दावा किया कि चैट में बताए गए 78 सवाल परीक्षा में आए थे। इसके अलावा 13 अन्य सवालों को हल करने के बाद कुल 91 सवाल हल किए जाने की बात भी सामने आई है।

इन दावों की जांच अब एजेंसी कर रही है। चैट में कही गई बातों और वास्तविक परीक्षा के प्रश्नों के बीच संबंध की पुष्टि जांच का अहम हिस्सा है।

5 लाख रुपये की मांग का भी जिक्र

270 पेज की बातचीत में कथित तौर पर परीक्षा के पेपर के बदले 5 लाख रुपये की मांग का भी उल्लेख है। चैट में रकम अगले दिन तक जमा करने की बात सामने आने की जानकारी जांच एजेंसी की ओर से दी गई है।

अब क्राइम ब्रांच यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर यह रकम किसे दी जानी थी, भुगतान किस माध्यम से किया जाना था और इस लेन-देन से कौन-कौन लोग जुड़े थे।

मयूर ठाकरे का नाम भी सामने आया

जांच के दौरान मिली WhatsApp चैट में वॉन्टेड आरोपी मयूर ठाकरे का भी जिक्र सामने आया है। इसके बाद जांच एजेंसी उसकी कथित भूमिका को लेकर भी पड़ताल कर रही है।

चैट में कथित तौर पर यह बात भी सामने आई कि रितुजा के पिता ने मयूर ठाकरे से मामले की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को नहीं देने के लिए कहा था। इसमें अपने परिवार से भी इस मामले को छिपाने की बात कही गई थी। इन दावों की भी जांच की जा रही है।
रद्द हो चुकी है भर्ती प्रक्रिया

पेपर लीक और धोखाधड़ी के आरोप सामने आने के बाद MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी) भर्ती परीक्षा 2026 की पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी गई है।

अब जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने में जुटी है कि कथित पेपर लीक का पूरा नेटवर्क किस तरह काम करता था, परीक्षा के सवाल किस स्तर पर बाहर निकले और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

रितुजा का फोन अब भी नहीं मिला

जांच के बीच रितुजा पाटिल का मोबाइल फोन अभी तक बरामद नहीं हुआ है। यही वजह है कि गौरव पाटिल के फोन से मिली करीब 270 पेज की WhatsApp चैट को जांच में महत्वपूर्ण डिजिटल सामग्री माना जा रहा है।

हालांकि, चैट में सामने आए दावों की पुष्टि और उनकी वास्तविकता जांच के जरिए तय की जानी बाकी है। क्राइम ब्रांच अब डिजिटल बातचीत में मिले सुरागों को अन्य जांच तथ्यों से जोड़कर आरोपियों की भूमिका और कथित पेपर लीक नेटवर्क की पूरी कड़ी समझने की कोशिश कर रही है।