महाराष्ट्र में राजनीतिक उठापटक के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह बागी सांसदों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों से मिले संभावित खतरे के इनपुट के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है। इससे पहले राज्य के इंटेलिजेंस विभाग ने भी इन सांसदों की सुरक्षा बढ़ाने को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए थे। विभाग की ओर से भेजे गए अर्जेंट वायरलेस संदेश में हालिया सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए सभी छह सांसदों को तत्काल प्रभाव से ‘Y+’ श्रेणी जैसी स्थानीय सुरक्षा उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया।
इसके साथ ही संबंधित पुलिस इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि जब भी ये सांसद अपने क्षेत्रों में दौरे पर हों या किसी अन्य स्थान पर प्रवास करें, तो वहां विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाए। जिला और पुलिस कमिश्नरेट स्तर की सुरक्षा समितियों को यह अधिकार भी दिया गया है कि वे परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने, घटाने या जारी रखने पर अंतिम निर्णय लें।
जिन सांसदों को बढ़ी हुई सुरक्षा प्रदान की गई है, उनमें संजय देशमुख (यवतमाल), संजय जाधव (परभणी), संजय दिना पाटिल (मुंबई उत्तर-पूर्व), नागेश पाटिल अष्टीकर (हिंगोली), ओमराजे निंबालकर (धाराशिव) और भाऊसाहेब वाघचौरे (शिर्डी) के नाम शामिल हैं। इन सभी नेताओं को लेकर पिछले कुछ समय से राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज रहा है।
उद्धव ठाकरे की शिवसेना में गहराता संकट, दिल्ली बैठक से दूरी ने बढ़ाई अटकलेंशिवसेना (UBT) के भीतर चल रही खींचतान उस समय और अधिक सामने आ गई जब पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे को बड़ा राजनीतिक झटका लगा। दिल्ली में आयोजित संसदीय दल की अहम बैठक में पार्टी के छह लोकसभा सांसद अनुपस्थित रहे। संसद भवन स्थित पार्टी कार्यालय में बुलाई गई इस बैठक में कुल नौ सांसदों में से केवल तीन ही मौजूद हो सके। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब पार्टी के भीतर अंदरूनी असंतोष और संभावित टूट की चर्चाएं पहले से ही तेज हैं।
राजनीतिक गलियारों में यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि ये छह सांसद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की दिशा में विचार कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इन सांसदों ने कथित रूप से एक अलग संसदीय गुट का गठन भी कर लिया है और इससे संबंधित जानकारी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भी सौंपी गई है।
बताया जा रहा है कि व्हिप के उल्लंघन को लेकर उद्धव ठाकरे गुट अब सख्त कार्रवाई के मूड में है। पार्टी की ओर से यह संकेत दिया गया है कि अनुपस्थित सांसदों को शो-कॉज नोटिस जारी किया जाएगा। इस संबंध में पार्टी के वरिष्ठ नेता अनिल देसाई ने भी पुष्टि की है कि सभी छह सांसदों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
बगावत के बाद सियासी माहौल गर्म, कार्यकर्ताओं में उबालउद्धव ठाकरे गुट के छह सांसदों की अनुपस्थिति और संभावित बगावत की खबरों ने महाराष्ट्र की राजनीति को और अधिक गर्मा दिया है। शिंदे गुट से जुड़े कथित ‘मिशन टाइगर’ को लेकर पहले से ही चल रही चर्चाओं के बीच अब जमीनी स्तर पर भी इसका असर दिखने लगा है।
बीड जिले में ठाकरे समर्थक शिवसैनिकों का गुस्सा खुलकर सामने आया, जहां कार्यकर्ताओं ने बागी सांसदों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके प्रतीकात्मक पुतलों का दहन भी किया गया और जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि इन सांसदों को बीड जिले में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन के बाद राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है और संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहर सकता है। राज्य की राजनीति में इस घटनाक्रम ने नई बहस छेड़ दी है, जहां एक ओर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आता दिख रहा है।