महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की तबीयत अचानक बिगड़ी, इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती

ठाणे: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तबीयत अचानक खराब होने के बाद उन्हें ठाणे स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मिली जानकारी के अनुसार पिछले एक दिन से उन्हें हल्का बुखार, बदन दर्द और अत्यधिक थकान महसूस हो रही थी। स्वास्थ्य में सुधार न होने पर चिकित्सकों की सलाह के बाद उन्हें एहतियातन ठाणे के ज्यूपिटर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।

अस्पताल से जुड़ी शुरुआती जानकारी के मुताबिक उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए है और आवश्यक मेडिकल जांच की जा रही है। फिलहाल किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की पुष्टि नहीं की गई है।

हाल ही में राजनीतिक घटनाक्रम के चलते रहे थे सुर्खियों में

बीते दिनों महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला था, जब शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी सांसदों ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट का दामन थाम लिया था। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया था और शिंदे एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए थे।

इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में एकनाथ शिंदे ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था, आज हमारे परिवार में एक नहीं, छह टाइगर शामिल हुए हैं। हम कोई भी राजनीतिक अभियान अधूरा नहीं छोड़ते। सभी संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए छह सांसद हमारे साथ आए हैं और पूरा अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है।

'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर दिया था बड़ा बयान

अपने संबोधन के दौरान शिंदे ने आगे कहा था, ऑपरेशन टाइगर पूरी तरह सफल हो चुका है। चार वर्ष पहले जब हमने अलग रास्ता चुना था, तब हमारे साथ 40 विधायक थे। उस समय हमारा उद्देश्य बालासाहेब ठाकरे के विचारों और मूल शिवसेना की विचारधारा को आगे बढ़ाना था। अब राजनीति का नया अध्याय शुरू हो चुका है और छह सांसदों का हमारे साथ जुड़ना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था और राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे शिवसेना (यूबीटी) के लिए बड़ा झटका बताया था।
महाराष्ट्र की राजनीति में मजबूत पकड़ बना चुके हैं शिंदे

एकनाथ शिंदे का राजनीतिक सफर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदला है। उन्होंने उद्धव ठाकरे से अलग होकर अपना अलग राजनीतिक गुट खड़ा किया और बाद में भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनाई। इसके बाद वे राज्य के मुख्यमंत्री बने और विधानसभा चुनाव के बाद नई सरकार के गठन में उन्हें उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिंदे ने संगठन और सत्ता दोनों स्तरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है। यही वजह है कि समय-समय पर कई विधायक, सांसद और अन्य नेता शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर उनके नेतृत्व वाले गुट में शामिल होते रहे हैं। उनकी राजनीतिक रणनीति और संगठन क्षमता को भी उनकी मजबूती का बड़ा कारण माना जाता है।

फिलहाल उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आने के बाद समर्थकों और शुभचिंतकों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। वहीं डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है और आगे की चिकित्सा प्रक्रिया आवश्यक जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।