केतन अग्रवाल हत्याकांड: जांच के लिए 300 फीट खाई में गिराई फाइबर डमी, लोहागढ़ पर फिर रीक्रिएट हुआ क्राइम सीन

पुणे। चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती नजर आ रही है। मामले की हर कड़ी को वैज्ञानिक तरीके से जोड़ने के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस लगातार नए साक्ष्य जुटाने में लगी है। इसी क्रम में बुधवार को जांच टीम एक बार फिर लोहागढ़ किले पहुंची, जहां कथित हत्या की घटना को दोबारा रीक्रिएट किया गया। घटनाक्रम को समझने के लिए पुलिस ने केतन अग्रवाल की लंबाई और वजन के अनुरूप तैयार की गई फाइबर डमी को लगभग 300 फीट गहरी खाई में गिराया, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि वारदात के दौरान घटनाएं किस प्रकार घटी होंगी और उपलब्ध साक्ष्य घटनास्थल से किस हद तक मेल खाते हैं।

इससे एक दिन पहले मंगलवार को पुलिस ने मामले के दूसरे आरोपी चेतन चौधरी का गेट एनालिसिस (चलने के तरीके का परीक्षण) कराया था। इस जांच का उद्देश्य यह समझना था कि घटना वाले दिन चेतन ने किस मार्ग का उपयोग किया, उसकी गतिविधियां कैसी थीं और घटनास्थल पर उसकी मौजूदगी से जुड़े तथ्यों की पुष्टि कैसे की जा सकती है। इसी जांच के दौरान पुलिस ने घटना के समय पहनी गई उसकी पैंट भी बरामद कर ली, जिसे अब फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।

पुलिस के अनुसार इस बहुचर्चित मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी पर 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या का आरोप है। जांच एजेंसियों का दावा है कि 18 जून को लोहागढ़ किले पर दोनों ने कथित रूप से मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद से पुलिस लगातार तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की परतें खोलने में जुटी हुई है।

इधर सोमवार को महाराष्ट्र की एक अदालत ने जांच एजेंसी की मांग स्वीकार करते हुए दोनों आरोपियों की पुलिस हिरासत में पांच दिन का और इजाफा कर दिया। शुरुआती रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद सिया गोयल और चेतन चौधरी को वडगांव मावल कोर्ट में पेश किया गया था, जहां पुलिस ने आगे की जांच के लिए अतिरिक्त समय मांगा।
अदालत में पुलिस ने बताया कि जांच के कई महत्वपूर्ण पहलू अभी बाकी हैं। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की मौजूदगी में घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया जाना आवश्यक है। इसके अलावा हत्या के बाद चेतन चौधरी की गतिविधियों का क्रमवार सत्यापन, दोनों आरोपियों के बीच हुई फोन बातचीत की पड़ताल तथा केतन अग्रवाल के पासपोर्ट को कथित रूप से नष्ट किए जाने से जुड़े साक्ष्य भी अभी एकत्र किए जाने हैं। इन्हीं कारणों से पुलिस ने अतिरिक्त रिमांड की मांग की थी।

जांच के दौरान एक और अहम दावा सामने आया है। पुलिस का कहना है कि सिया गोयल ने कथित तौर पर मुंबई एयरपोर्ट जाते समय रास्ते में स्थित एक फूड मॉल पर रुकने के दौरान केतन अग्रवाल का पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया था। आरोप है कि बाद में उसने उस पासपोर्ट को फाड़कर जला दिया। बताया जा रहा है कि परिवार शादी से पहले बाली घूमने जाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने पर केतन को अपना पासपोर्ट नहीं मिला, जिसके चलते पूरी विदेश यात्रा रद्द करनी पड़ी। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह कदम सुनियोजित तरीके से उठाया गया था ताकि दोनों साथ विदेश यात्रा पर न जा सकें।

मामले की जांच में उस वाहन चालक का बयान भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसने पूरे समूह को यात्रा के दौरान लोहागढ़ तक पहुंचाया था। ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि सफर के दौरान सिया गोयल एक बार अकेले पार्किंग में खड़ी कार के पास वापस गई थी और वहां से कुछ सामान लेकर लौटी थी। पुलिस अब इस दावे की भी अन्य साक्ष्यों और तकनीकी तथ्यों के आधार पर पुष्टि करने में जुटी है। पूरे मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक सबूत और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जांच लगातार आगे बढ़ाई जा रही है।