अगर जिंदा होते अजित पवार तो महाराष्ट्र में होता बड़ा राजनीतिक बदलाव, हो गई थी पूरी तैयारी

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन ने राज्य की राजनीति में शोक की लहर फैला दी है। वहीं, राजनीतिक सूत्रों की मानें तो अगर अजित पवार जिंदा रहते, तो महाराष्ट्र की सियासी तस्वीर बदलने वाली थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) के दो प्रमुख गुटों का विलय तय हो चुका था और चाचा-भतीजे की जोड़ी पार्टी को फिर से एकजुट करने वाली थी।

अजित और शरद पवार के बीच हुई थी महत्वपूर्ण बैठक

सूत्रों के अनुसार, बारामती विमान हादसे से कुछ दिन पहले अजित पवार और शरद पवार के बीच चर्चा हुई थी। इस बातचीत में दोनों पक्षों ने एनसीपी के गुटों के एक होने पर सहमति जताई थी। इसके बाद एक औपचारिक बैठक हुई, जिसमें विलय की प्रक्रिया और आगे की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

8 फरवरी को एनसीपी विलय का ऐलान होना था

सूत्रों का दावा है कि जिला परिषद चुनावों के परिणाम आने के तुरंत बाद 8 फरवरी को एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की घोषणा की योजना थी। इस ऐलान की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी थी, लेकिन दुखद विमान हादसे ने इस राजनीतिक कदम को रोक दिया।

अजित पवार के करीबी ने भी किया पुष्टि

अजित पवार के करीबी और वरिष्ठ नेता किरण गुजर ने भी यह पुष्टि की कि बारामती प्लेन हादसे से पांच दिन पहले दोनों नेताओं ने लंबी बैठक की थी। दोनों ने स्पष्ट रूप से सहमति जताई थी कि एनसीपी को एक होना चाहिए। किरण गुजर ने बताया कि चाचा-भतीजा इस फैसले को लेकर उत्साहित और आश्वस्त थे। उनके अनुसार, एनसीपी का विलय महाराष्ट्र की राजनीति और राज्य के हित में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था।

बारामती प्लेन हादसे में चली गई जान

एनसीपी के विलय की योजना पूरी होने से पहले ही अजित पवार की मृत्यु हो गई। 28 जनवरी, बुधवार की सुबह अजित पवार मुंबई से बारामती के लिए उड़ान भर रहे थे। बारामती में उनकी कई जनसभाएं और बैठकें निर्धारित थीं, लेकिन एयरपोर्ट पर पहुंचने से पहले उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

सूत्रों के अनुसार, कम विजिबिलिटी की वजह से पायलट को लैंडिंग में कठिनाई हो रही थी। पहले प्रयास में विमान सुरक्षित रूप से लैंड नहीं कर पाया, और जब दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश की जा रही थी, तभी विमान क्रैश हो गया। इसके बाद विमान में आग लग गई और पूरी तरह ध्वस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार सहित पांच लोगों की मौत हुई।

विमान में अजित पवार के साथ कौन-कौन थे

विमान में अजित पवार के साथ उनके पर्सनल गार्ड कांस्टेबल विदीप जाधव, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली, फ्लाइट कैप्टन सुमित कपूर और फर्स्ट ऑफिसर शांभवी पाठक भी मौजूद थे। सभी की दुखद मौत हुई।

इस तरह, अजित पवार का असामयिक निधन न सिर्फ व्यक्तिगत रूप से बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए भी एक बड़ा झटका साबित हुआ। एनसीपी के दोनों गुटों का विलय अब केवल एक अधूरी योजना बनकर रह गया।