ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़: दोबारा पोस्टमार्टम की मांग पर आज कोर्ट में सुनवाई, परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल

ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़ा मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस केस में सबसे अहम पहलू यह है कि क्या उनका दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा या नहीं, इस पर आज (बुधवार) भोपाल कोर्ट में सुनवाई होने जा रही है। परिजनों ने अदालत में याचिका दायर करते हुए मांग की है कि पोस्टमार्टम दोबारा दिल्ली के AIIMS में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में कराया जाए। उनका कहना है कि भोपाल AIIMS की रिपोर्ट से वे संतुष्ट नहीं हैं और उसे पहले ही खारिज कर चुके हैं। अब सबकी नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।

मौत मिस्ट्री में बढ़ा सस्पेंस, जांच पर उठे सवाल

भोपाल में सामने आए ट्विशा शर्मा मौत मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। केस लगातार पेचीदा होता जा रहा है और कई नए दावे सामने आने के बाद जांच पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच आरोपी पति समर्थ सिंह को लेकर पुलिस की कार्रवाई तेज है। उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने जानकारी देने वालों के लिए 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या ट्विशा की मौत वाकई संदिग्ध परिस्थितियों में हुई या फिर इसे किसी और एंगल से देखा जा रहा है।
सास के दावों से बढ़ा विवाद, एंटीसेप्टरी बेल में किए गए गंभीर आरोप

मामले में उस वक्त और तूल बढ़ गया जब आरोपी सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका में कई गंभीर आरोप लगाए। याचिका में दावा किया गया है कि ट्विशा नशे की आदी थीं और नशा न मिलने पर उनका व्यवहार असामान्य हो जाता था। यह भी आरोप लगाया गया कि गर्भावस्था के दौरान उनका व्यवहार बदल गया था और उन्हें मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं, जिनका इलाज भी चल रहा था। यहां तक कहा गया है कि कथित ड्रग ओवरडोज के चलते उनका गर्भपात हुआ था। इन दावों ने पूरे केस को और अधिक विवादों में डाल दिया है।

परिजनों ने आरोपों को बताया साजिश, जांच को प्रभावित करने का दावा

दूसरी ओर, ट्विशा के परिजन इन सभी आरोपों को पूरी तरह से गलत और गढ़ी हुई कहानी बता रहे हैं। उनका कहना है कि यह पूरा मामला हाई-प्रोफाइल होने के कारण तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की जा रही है ताकि केस को कमजोर किया जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसआईटी का गठन किया है, जिसकी कमान एसीपी रजनीश कश्यप को सौंपी गई है। इस टीम में 6 अधिकारी शामिल हैं, जिनमें महिला पुलिसकर्मी भी हैं।

घटना की रात क्या हुआ था, पुलिस रिकॉर्ड में सामने आया विवरण

ससुराल पक्ष के अनुसार, 11 मई की शाम ट्विशा ब्यूटी पार्लर से तैयार होकर घर लौटी थीं। इसी दौरान वह अपनी मां से फोन पर बात करते हुए घर की छत पर चली गईं। कुछ समय बाद कॉल अचानक डिस्कनेक्ट हो गया। रात करीब 10:30 बजे उन्हें छत पर फंदे से लटका हुआ पाया गया। परिजन और पति समर्थ सिंह उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

आखिरी बातचीत और व्हाट्सएप चैट से उठे सवाल


इस बीच ट्विशा और उनकी मां के बीच हुई आखिरी व्हाट्सएप चैट भी सामने आई है, जिसमें वह काफी परेशान नजर आ रही थीं। चैट में उन्होंने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए और खुद को मानसिक रूप से प्रताड़ित बताया। संदेशों में यह भी लिखा गया कि उन पर संदेह किया जाता था और पति समर्थ सिंह उनके चरित्र पर सवाल उठाते थे। उन्होंने अपनी मां से मदद की गुहार लगाते हुए कहा था कि उन्हें वहां से निकाल लिया जाए क्योंकि उनका जीवन मुश्किलों से भर गया है।

जांच पर पुलिस का पक्ष और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर विवाद

पुलिस का कहना है कि जांच सभी उपलब्ध सबूतों, बयान और डिजिटल चैट्स के आधार पर की जा रही है। हालांकि, परिजन लगातार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि शरीर पर चोट के निशान होने के बावजूद कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि जिस बेल्ट का उपयोग कथित तौर पर घटना में हुआ, उसका परीक्षण पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से नहीं किया गया।

बेल्ट रिपोर्ट और लिगेचर जांच से जुड़ा अपडेट

हाल ही में सामने आई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जिस बेल्ट को जांच के लिए भेजा गया था, वही कथित रूप से घटना में इस्तेमाल हुई थी। लिगेचर रिपोर्ट में भी इसे आत्महत्या से जुड़ा मामला बताया गया है। हालांकि, पोस्टमार्टम के समय वह बेल्ट उपलब्ध नहीं थी, बल्कि बाद में पुलिस ने उसे जांच एजेंसियों को सौंपा। इस नए अपडेट ने केस को और उलझा दिया है।

ट्विशा की पृष्ठभूमि और मामला क्यों बना रहस्य

31 वर्षीय ट्विशा शर्मा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली थीं। उन्होंने एमबीए किया था और दिल्ली में एक निजी कंपनी में कार्यरत थीं। शादी से पहले वह मॉडलिंग और तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री से भी जुड़ी रही थीं। उनकी मुलाकात एक ऐप के जरिए समर्थ सिंह से हुई थी, जिसके बाद दोनों ने दिसंबर 2025 में परिवार की सहमति से विवाह किया।

शादी के केवल पांच महीनों बाद ही उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे मामले को विवाद और रहस्य में बदल दिया है। परिजन दहेज उत्पीड़न और हत्या के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। वहीं, दिल्ली के जंतर-मंतर पर उनके दोस्तों द्वारा न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई गई है।